आज पिछला साल बहुत याद आ रहा है। तब कॉलेज का पहला साल था और हम सब वैलेंटाइंस डे को लेकर कई प्लांस बना रहे थे। हम सब मतलब हमारा बॉयज़ गैंग। स्कूल तक तो यह प्योरली ख़्याली था। और इन दिनों तो एक्ज़ाम ही हमारा वैलेंटाइन होता था। फिर पिछले साल लगा कि कॉलेज की फ्रीडम में अब बिंदास यह दिन मनाएंगे।
सच कहूं, तो पूरी जनवरी के दिनों में मैंने जाने कितनी बार अपना बैग कॉलेज ग्राउंड में छोड़ दिया था कि कोई आलिया (भट्ट और कौन) जैसी लड़की आकर मुझे बैग देगी और जब मैं उसे खोलूंगा, तो उसमें एक कार्ड, चॉकलेट और डांसिंग कपल जैसी गिफ्ट्स रखी होंगी। ऐसा कुछ नहीं हुआ। (वैसे कॉलेज में कोई आलिया जैसी है भी नहीं) हां, हर बार गैंग में से किसी न किसी ने गाली देते हुए बैग लौटाया। अच्छा हुआ, इनमें से किसी को पता नहीं चला कि बैग मैं जानबूझकर छोड़ता था, वरना पता नहीं क्या कहते...
अरे, मैं तो अपनी बात ही कहता जा रहा हूं।
बात तो जी की करनी थी। जी मतलब मेरे इकलौते जीजाजी। दीदी मुझसे केवल पांच साल बड़ी हैं। दी को जी कॉलेज के दौरान मिले। सीनियर थे भाई! जैसे ही उन्होंने दी को कॉलेज में देखा, दोस्ती की, और घर पर बात भी चला ली। नौकरी से पहले इंगेजमेंट और नौकरी के तुरंत बाद शादी। हमें लगता था कि इन लोगों ने तो जाने कितने वैलेंटाइंस डे मनाए होंगे। मैंने अभी दी से पूछा, तो वो हंस पड़ीं।
फूल, चॉकलेट, गिफ्ट, लाल-गुलाबी हार्ट की बातें सुन-सुनकर मुस्कुराती रहीं। मैंने कहा, "क्या ओल्डी जैसे बिहेव कर रही हो?' उन्होंने हंसते हुए कहा- "जेन नेक्स्ट के दूत, मुझे बता कि यह सब कोई न दे तो? क्या उनका रिश्ता झूठा हुआ? बता तो, ये सारे एक दिन के तोहफ़े ज़रूरी हैं, या हर रोज़ की परवाह? और हर रोज़ की बात भी क्या करनी है, एेसा समझ कि मेरा मान उनके लिए सबसे ऊपर है। मैं आगे पढ़ूं, कोई न कोई काम करती रहूं, इसके लिए एनकरेज करना।
घर में भी मुझे राहत रहे इसलिए हर तरह के अप्लायंस लाना। साथ में योगा और फिटनेस क्लास जाना...तेरे जी के लिए मैं तो वैलेंटाइन फॉरएवर हूं। मेरे लिए वो। मेरी बनाई दाल का तुम सब मज़ाक उड़ाते थे, लेकिन तेरे जी ने कभी कुछ नहीं कहा। आज दाल मेरी स्पेशियालिटी है। बता तो, चॉकलेट मीठी या केयर...?'
मैं चुप हो जाने के अलावा क्या करता! इस साल कहीं बैग नहीं छोड़ा। कोई सपना नहीं देखा। कुछ बन जाऊं, फिर ढूंढ लूंगा अपनी वैलेंटाइन। दी की तरह उसकी आवाज़ में भी अपने लिए यह ट्रस्ट और केयर ला पाऊं, बस...
अगली पोस्ट में बताऊंगा मेरे गैंग का वैलेंटाइन कैसा रहा! तब तक रॉक ऑन...