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एक दिन का काम छ: दिन का आराम...

5 वर्ष पहले
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हम भारतीय तीनों समय का भोजन बनाते हैं। विदेशियों की तरह किसी एक समय को हम नहीं चुन सकते। लेकिन दौड़-भाग के बढ़ जाने के कारण हम भी अस्वस्थ जीवनशैली की ओर बढ़ चले हैं। बावजूद इसके कुछ उपाय अपनाकर हम अपने ताज़ा भोजन की परम्परा को जारी रख सकते हैं। इसके लिए शेफ़ वाली शैली अपनाएं, जो व्यवस्थित रसोई का दूसरा नाम है।

> बाज़ार से सब्ज़ियां लेकर आएं, उसी वक़्त उन्हें छांटकर अलग कर लें। पत्तेदार सब्ज़ियां धोकर, गहरी छलनी में रखें। पानी निथर जाने पर साफ़ किचन बैग्स में भरकर फ्रिज में रखें। फूलगोभी के बड़े टुकड़े काटकर इसी तरह रख लें। टमाटर, खीरे, शिमला मिर्च, गाजर आदि को धोकर रखें। मटर छीलकर डिब्बे में रख लें। फलों को धोकर पोंछकर मेज़ पर रख दें।

ख़ास बात- सब्ज़ी और फल लाने का दिन ऐसा रखें कि यह सब करने के लिए आपके पास समय हो। हफ़्तेभर की सब्ज़ी और कम से कम तीन दिन के लिए फल लाकर रखे जा सकते हैं। ऐसा करने से हर हफ़्ते अलग तरह के व्यंजन बनाने में भी मदद मिलेगी।

> दो दिन की योजना बनाकर, उसी के मुताबिक़ एक बड़े डिब्बे में सब्ज़ियां काटकर रख लीजिए। मिसाल के तौर पर, हरे प्याज़ के सिरे काटकर, धोकर एक जगह रख लें। गाजर को छीलकर मोटे टुकड़े कर रख लें। पालक के पत्ते (जो धुले ही रखे हैं) उन्हें ज़रूरत के हिसाब से तहों में जमा लें।

ख़ास ख़्याल रखें- सब्ज़ियों के बहुत बारीक टुकड़े करके कई दिनों तक रखने से उनके पोषक तत्व प्रभावित होते हैं। इसलिए मोटे टुकड़ों में रखें और बनाते समय बारीक काट लें।

> जब व्यंजन बनाने जाएं, तो उससे जुड़ी सब्ज़ियां ही नहीं, मसाले भी सामने निकालकर रसोई के प्लेटफॉर्म पर रख लें। हरी मिर्च और धनिया भी पहले से काटकर बोल में रखें। सब्ज़ियां ज़रूरत के हिसाब से काटकर एक बड़ी थाली में भी रख सकते हैं। इसके बाद ही पकाने के लिए बर्तन आंच पर रखें।

ध्यान रखें- मसालों को निकालकर अलग रखने से जहां इनकी मात्रा सही बनी रहती है, वहीं मसालों के डिब्बे भी साफ़ बने रहते हैं।

> फल सामने रखे रहने के कारण इस्तेमाल हो जाते हैं। ऑफिस जाने वालों के साथ या बच्चों के टिफिन में रखने में सुविधा होती है। अमूमन फल सुबह या दोपहर में खाए जाते हैं, सो अमरूद और चीकू काटकर रख सकते हैं। केले, सेब या संतरे साबुत रख सकते हैं।

ज़रूरी है- भोजन के साथ रेशेदार फल खाना सेहत के लिए हर लिहाज़ से फ़ायदेमंद होता है। इनमें भी प्रयोग किए जा सकते हैं। कभी टिफिन में फ्रूट चाट भी रखी जा सकती है।

> पहले से तैयारी करने से एक और लाभ मिलता है सलाद के रूप में। चूंकि हर सब्ज़ी पहले से धुली और छंटी हुई रखी रहती है, सो इनको मिलाकर सलाद का रूप देना ज़रा भी मुश्किल नहीं होता। जैसे किसी दिन जल्दी की वजह से वक़्त न मिले, तो आधी ककड़ी, एक गाजर और सेब सबके भोजन के साथ रख देना भी पूरे भोजन की पौष्टिकता और संतुलन को बरक़रार रखेगा।

क्या कहने- अगर समय मिल जाए, तो मेसन जार में बाक़ायदा सलाद बनाकर रखें। याद है न आपको, कटी सब्ज़ियों और फलों की तहें एक के ऊपर एक जमाकर जार तैयार करना। ऐसा करने से जहां भोजन के साथ पानी और रेशे की मात्रा उचित रूप से मिलेगी, वहीं जार भरकर सलाद खाने से दांतों और आंतों दोनों को फ़ायदा मिलेगा। अनावश्यक चर्बी बढ़ने से बचेगी, सो अलग।
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