मिस यूनिवर्स उर्वशी रौतेला का निकनेम प्रिंसेस है। कई सौंदर्य प्रतियोगिता की विजेता रह चुकीं उर्वशी का जन्म 25 फरवरी, 1994 को हरिद्वार में हुआ। गोरे-छरहरे बदन की उर्वशी का कद 5 फीट, 9 इंच और राशि मीन है। आकर्षक व्यक्तित्व वाली उर्वशी से मुलाकात होने पर पूछे कुछ रोचक सवाल:
सौंदर्य प्रतियोगिताओं की विजेता बनना फिल्मी करियर को आगे बढ़ाने में कितना मददगार रहा?
सबसे पहले अपने फैंस, पैरेंट्स को थैंक्यू बोलना चाहूंगी। बहुत गर्व और खुशी से बोलती हूं कि मैं ही इकलौती भारतीय लड़की हूं, जिसने अब तक दो बार िमस यूनिवर्स इंडिया का खिताब जीता है। ऑफकोर्स, सौंदर्य प्रतियोगिता जीतना न सिर्फ फिल्मी करियर को आगे बढ़ाने में हेल्प करता है, बल्कि यह लोकप्रियता के साथ फैन-फालोइंग भी बढ़ाता है। मुझे पहली फिल्म का ऑफर ब्यूटी क्वीन होने की वजह से ही मिला था।
क्या आपको अपनी सुंदरता पर नाज है?
नहीं, बिल्कुल भी नहीं है। सच कहूं तो लड़कियां जब मुझसे पूछती हैं कि मिस यूनिवर्स जीतने के लिए क्या करना चाहिए! तब उन्हें एक ही बात बोलती हूं कि सिर्फ खूबसूरती ही सब कुछ नहीं होती, इसके अलावा और भी काफी कुछ है। ब्यूटी क्वीन बनने के लिए ऑल राउंडर होना चाहिए। अपनी जनरल नॉलेज बढ़ाइए, क्योंकि आप इंडिया को प्रर्जेंट करने वाली हैं। इतना ही नहीं, लोगों की मदद करना भी जरूरी होता है।
आप किस तरह से लोगों की मदद करती हैं?
मैं जहां से विलांग करती हूं, वहां पैरेंट्स की मदद से मैंने 2-3 साल पहले उर्वशी रौतेला फाउंडेशन बनाया है, जिसके अंतर्गत जरूरतमंदों की मदद, छात्र-छात्राओं की शिक्षा, बुजुर्गों की चिकित्सा और गरीबों को कपड़े आदि की सुविधाएं उपलब्ध करवाते हैं। मैं भविष्य में यही चाहती हूं कि काफी अागे जाऊं और अपने फाउंडेशन को आैर आगे बढ़ाऊं। मैं हॉलीवुड एक्टर डेनियल क्रेग, बेकिंग सीलिंग, नॉनी वाट्स आदि के साथ एक ऑर्गेनाइजेशन से जुड़ी हूं। जब लास्ट टाइम अब्रॉड गई थी, तब इसे साइन किया था। बहरहाल, मुझे ऐसी चीजों से बहुत लगाव है। बचपन से ही मेरे पैरेंट्स ने सिखाया है कि जितनी ज्यादा लोगों की हेल्प करोगी, तुम्हारे लिए उतना ही ज्यादा अच्छा होगा।
अपनी सुंदरता की देखभाल कैसे करती हैं?
मैं अपना ज्यादा देखभाल नहीं कर पाती। मेरी मम्मी को हमेशा मुझसे यही शिकायत रहती है। खैर, सुबह 6 बजे उठकर एक्सरसाइज करती हूं। दादाजी की सीख के अनुसार, बाहर का जंक फूड वगैरह नहीं खाती। मुझे घर का हेल्दी खाना पसंद है। मैं डटकर खाती हूं और जी-जान से मेहनत करती हूं।
अच्छा, ‘वैलेंडटाइंस डे’ को लेकर लोगों के भिन्न-भिन्न मत हैं। आपका क्या मानना है?मैं तो पूरी दिल वाली हूं। मुझे खुशी है कि ‘वैलेंटाइंस डे’ के साथ फरवरी महीने में मेरा बर्थडे भी आता है। इस सेलिब्रेशन को लेकर कुछ लोग विरोध करते हैं, पर मेरा मानना है कि अपने वैलेंटाइन के साथ इसे सेलिब्रेट करना चाहिए। हां, कोई एक निश्चित िदन ही नहीं, बल्कि जिसे प्यार करते हैं, उसके साथ कभी भी सेलिब्रेट कर सकते हैं। आई एम वेरी हैप्पी कि साल में एक दिन ऐसा भी आता है। स्कूल-कॉलेज में एक-दूसरे को फूल देकर इसे बड़ी धूमधाम से मनाते थे। मेरे लिए यह बड़ा एक्साइटेड डे होता है। मेरे साथ ‘वैलेंटाइंस डे’ की सारी अच्छी-अच्छी यादें ही नहीं, बल्कि गंदी यादें भी जुड़ी हैं। एक बार एक लड़के ने अपने हाथ की नस ही काट ली थी। बताने जाऊं तो यह स्टोरी काफी लंबी है, पर इतना ही कहूंगी कि ऐसा कुछ नहीं करना चाहिए।