पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

प्रतिभा कभी दबाई नहीं जा सकती

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
वह कॉलेज में कभी रेगुलर नहीं रहता। उम्र भी ज्यादा नहीं सिर्फ 20 साल ही है। उसके पिता न सिर्फ एक सफल और सख्त कारोबारी हैं बल्कि आज की शिक्षा व्यवस्था को लेकर उनके अपने आइडिया भी हैं। उनको इस बात का पक्का यकीन है कि आज की शिक्षा व्यवस्था सिर्फ नंबर ही दे सकती है। नई पीढ़ी के भीतर कारोबारी दक्षता विकसित करने में यह बिल्कुल सहयोगी नहीं है। जयपुर से दर्शन ने जैसे ही १२वीं की परीक्षा पास की उसके पिता ज्योति कोठारी ने उससे कहा कि अगर वह सफल बिजनेसमैन बनना चाहता है तो उसे लोगों के बीच आना होगा।
संघर्ष करना, सीखना होगा और यह भी कि नया कारोबार कैसे करते हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं तुख्हारे लिए इस काम में सिर्फ इतनी मदद कर सकता हूं कि तुख्हें घर का कंप्यूटर इस्तेमाल करने दूं। ताकि तुम अपने बिजनेस आइडियाज पर काम कर सको। इसके अलावा कोई मदद नहीं कर सकता।’ दर्शन को अपने पिता की सख्त मिजाजी के बारे में अच्छी तरह पता था। सो, कॉलेज की पढ़ाई के साथ-साथ उसने वेबसाइट विकसित करने का काम शुरू कर दिया। कुछ पैसे भी कमाने लगा।
नियमित से जो आमदनी हो रही थी, वह इसी से थी। कभी सॉख्टवेयर डेवलपमेंट से भी कुछ पैसे मिल जाते थे। कुछ ही समय बाद उसके पास इतने पैसे हो गए कि वह अपनी कंपनी शुरू कर सके। लेकिन इसके लिए उसकी उम्र काफी कम थी। सो, उसकी मां के नाम पर कंपनी खोली गई, ‘वर्धमान इन्फोटेक।’ जयपुर में सोडाला के श्यामनगर में यह कंपनी है। आज इसमें १५ कर्मचारी काम कर रहे हैं। दर्शन शहर के ही महाराजा कॉलेज से कंप्यूटर एप्लीकेशन की पढ़ाई कर रहा है। उसकी कंपनी ने इस साल ३क् अप्रैल को दुनिया का पहला केएएलक्यू कीबोर्ड एप (जिस पर अंगूठे की मदद से काम किया जा सकता है।) विकसित किया है। यह एंड्रॉयड फोन के लिए है।
यह एप पुराने क्वार्टी कीबोर्ड को रिप्लेस कर सकता है। इसकी वजह ये है कि नया की बोर्ड पुराने की तुलना में ज्यादा स्मार्ट और तेज है। इस कीबोर्ड की रिसर्च बोर्ड पुराने की तुलना में ज्यादा स्मार्ट और तेज है। इस कीबोर्ड की रिसर्च थ्योरी को पांच दिन पहले ही स्कॉटलैंड की एंड्रयू यूनिवर्सिटी व मोंटाना के मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट ने अपनी साइट पर अपलोड किया था। इस रिसर्च के आधार पर वर्धमान इन्फोटेक ने न सिर्फ एप्लीकेशन को विकसित कर लिया बल्कि दुनियाभर से ५,क्क्क् डाउनलोड भी हासिल कर लिए। यह एप्लीकेशन गूगल प्ले स्टोर पर भी मौजूद है और टैबलेट पर भी काम करती है। यही नहीं इसमें रुपए का चिन्ह भी मौजूद है। कंपनी के लिए इस एप से ज्यादा आमदनी नहीं हो रही है क्योंकि यह इंटरनेट से मुख्त डाउनलोड किया जा सकता है। लेकिन दुनिया के सॉख्टवेयर मार्केट में इसने कंपनी के साथ ही शहर को भी नई प्रतिष्ठा दी है। गूगल ने खी इस एप को विकसित करने का पूरा श्रेय जयपुर की इस कंपनी को ही दिया है। विख्यात टेनिस खिलाड़ी आंद्रे अगासी से एक बार किसी ने कहा था कि वे बैक हैंड शॉट में काफी कमजोर हैं और वे कभी टेनिस नहीं खेल पाएंगे।
इसी तरह टॉम क्रूज से कहा गया था कि वे हॉलीवुड के अभिनेता बनने के लिहाज से काफी कमजोर हैं। अमिताभ बच्चन से भी कहा गया था कि वे बहुत दुबले और लंबे हैं। दुनिया के जाने-माने भौतिकशास्त्री स्टीफन हाकिंग से तो यहां तक कह दिया गया था कि उनकी तीन साल के भीतर मौत हो जाएगी। सिर्फ २१ साल की उम्र में ही उनके शरीर की क्षमताएं क्षीण हो गई थीं। ठीक से बोल भी नहीं पाते थे। ओपरा विन्फ्रे से उनके फिल्म निर्माता ने कह दिया था कि वे काली हैं और उनकी आवाज बहुत मोटी है। आज हम सब जानते हैं कि ऊपर जिनकी मिसाल दी गई है वे दुनिया की सफलतम शख्सियतें हैं।
फंडा यह है कि : आपकी प्रतिभा को दुनिया में कोई भी दबा नहीं सकता। यह आपके ऊपर है कि आपने खुद अपनी प्रतिभा को पहचाना है या नहीं। उसे विकसित करने की कोशिश की है या नहीं। आपकी प्रतिभा वह आधार है जिस पर आप बहुत कुछ निर्माण कर सकते हैं।