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‘चीनी, चिंता और चिकनाई छोड़ो’

9 वर्ष पहले
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डायबिटीज का शिकंजा कसते जाने के बावजूद बेहतर जीवन-शैली अपनाकर आप इससे मुक्त हो सकते हैं। बस आपको चीनी, चिंता और चिकनाई से परहेज करना है। हम कुछ ऐसे टिप्स दे रहें हैं, जिन्हें आजमाकर आप न सिर्फ पसंदीदा खाने का लुत्फ उठा सकेंगे बल्कि डायबिटीज से भी बचे रहेंगे। डायबिटीज को नियंत्रित रखने के लिए सबसे जरूरी है संतुलित भोजन। पर लाख टके का सवाल यह है कि डायबिटीज वालों के लिए संतुलित भोजन क्या है? सही तो यह है कि डायबिटीज के मरीज को किसी विशेष आहार की जरूरत नहीं होती। वे भी सामान्य लोगों की तरह भोजन कर सकते हैं।





टिप 1:हाई फाइबर और धीरे-धीरे पचने वाला काबरेहाइड्रेट चुनिए खून में शुगर के स्तर पर फैट व प्रोटीन की तुलना में काबरेहाइड्रेट ज्यादा असर डालता है, लेकिन काबरेहाइड्रेट के बिना भी काम नहीं चलता। आपको केवल यह समझना है कि किस तरह का काबरेहाइड्रेट लें। सामान्य तौर पर मैदे की रोटी, पास्ता और चावल के अलावा सोडा, कैंडी और बिस्कुट जैसी हाई रिफाइंड काबरेहाइड्रेट वाली चीजों से परहेज करना चाहिए। आप हाई फाइबर वाले काबरेहाइड्रेट खा सकते हैं, जिसे धीरे-धीरे पचने वाली काबरेहाइड्रेट डाइट भी कहा जाता है। ऐसी डाइट से खून में शुगर का स्तर सामान्य रहता है और शरीर बहुत ज्यादा इंसुलिन भी नहीं बनाता। ऐसी डाइट ज्यादा समय तक ऊर्जावान बनाए रखती है। ऐसे काबरेहाइड्रेट लें जिनमें खूब फाइबर हों इनकी बजाय.. हाई फाइबर वाले इन विकल्पों को आजमाएं सफेद चावल भूरा चावल या जंगली चावल सफेद आलू फूलगोभी से बनी चीजें सामान्य पास्ता गेहूं का पास्ता मैदे की रोटी गेंहू या दूसरे अनाज की रोटी





टिप 2:मिठाइयों के मामले में स्मार्ट बनें



डायबिटीज में परहेज का मतलब केवल चीनी से दूर रहना नहीं है। डायबिटीज के बाद भी आप पसंदीदा मिठाइयां खा सकते हैं, लेकिन यह ध्यान रहे कि ज्यादा नहीं खाना है। दरअसल, यह आपके शुगर लेवल पर निर्भर करता है। अगर शुगर नियंत्रित रहता है तो कभी-कभार मिठाई खा सकते हैं। मान लीजिए, किसी खास मौके पर सभी लोग मिठाई खा रहे हैं तो आप भी एक पीस मिठाई खा सकते हैं. पूजा आदि के अवसर पर प्रसाद खाने में भी हर्ज नहीं है। अलबत्ता, अगर शुगर का लेवल बहुत ज्यादा है तो जरा भी मीठा न खाएं।



टिप्स 3:तेल का चयन बुद्धिमानी से करें



खाने में तेल का इस्तेमाल फायदेमंद है तो नुकसानदेह भी। डायबिटीज में दिल की बीमारी का खतरा ज्यादा होता है। ऐसे में तेल के सेवन में पूरी सावधानी बरतें। तैलीय चीजों में कैलोरी ज्यादा होती है, सो उसका इस्तेमाल शरीर के हिसाब से तय करना होगा।



नुकसानदेह फैट:सैचुरेटेड और ट्रांस फैट नुकसानदेह होते हैं। सैचुरेटेड फैट रेड मीट,अंडे और दूध से बनी चीजों में होता है। ट्रांस फैट या पार्शियली हाइड्रोजनेटेड ऑयल खाद्य तेलों के मिश्रण से बनी चीजों में पाया जाता है।



फायदेमंद फैट: जैतून, सरसों और बादाम के अलावा मछली से निकलने वाले तेल कमरे के तापमान पर तरल रहते हैं। ओमेगा-3 फैटी एसिड सूजन और जलन में राहत देने के साथ-साथ दिमाग और दिल के लिए लाभदायक होता है। यह सामन, ट्यूना, सूरजमुखी के बीज से निकलता है।





टिप 4:नियमित अंतराल पर खाएं



डायबिटीज के मरीज निश्चित अंतराल पर थोड़ा-थोड़ा खाएं । नियम से खाएंगे तो शरीर, खून में शुगर के स्तर और वजन को बेहतर तरीके से नियंत्रित करेगा। हल्का और नियमित भोजन लेना बेहतर रहता है।



नाश्ता न भूलें:दिन की शुरुआत अच्छे नाश्ते से करेंगे तो शरीर में ऊर्जा बनी रहेगी। ब्लड शुगर का स्तर भी ठीक रहेगा।



कैलोरी की मात्रा बराबर रखें:कैलोरी का असर ब्लड शुगर पर पड़ता है। इसलिए रोज समान मात्रा में कैलोरी लें। आज खूब खाना और अगले दिन कुछ न खाना ठीक नहीं। लिक्विड ज्यादा लें:जूस पीने की बजाय फल खाएं। फल में ज्यादा फाइबर होता है। दूध में काबरेहाइड्रेट, प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन और मिनरल होता है। इसलिए उसका सेवन फायदेमंद रहता है। अगर आपका शुगर नियंत्रित रहता है तो सुबह-शाम एक-एक गिलास (200 ग्राम) दूध ले सकते हैं। सुबह-शाम डबल टोन्ड मिल्क की एक-एक कटोरी दही भी खा सकते हैं।





ग्लूकोज टॉक्सिसिटी:ब्लड में शुगर की मात्रा अधिक होने से अंग ठीक तरीके से काम नहीं करते। बाद में वे बेकार भी हो जाते है। इस प्रक्रिया को ग्लूकोज टॉक्सिसिटी कहते हैं। इसका ध्यान रखें।



डॉ. जी. सी. वैष्णव, सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन ऐंड लाइफस्टाइल डिजीज, विजन मिशन फाउंडेशन, नोएडा



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