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दूसरों को बदलने का मंत्र

9 वर्ष पहले
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आप जो चाहते हैं, उसे हासिल करने केलिए नखरे दिखाना या उल्टे-सीधे तरीके अपनाने की जरूरत नहीं है। सामने वाले व्यक्ति के हितों को जानकर और उन्हें अपने हितों से जोड़कर आप किसी से कोई भी काम आसानी से करा सकते हैं। कैसे, गौर करें





बॉ स से अपनी तनख्वाह बढ़वाने का मामला हो..अपनी बिटिया को फोन का इस्तेमाल न करने के लिए राजी करना हो..या फिर पति को सवेरे पैदल चलने के लिए प्रेरित करना..आप हमेशा चाहते हैं कि सब कुछ आपके हिसाब से चले। पर इसकेलिए दूसरों को समझाने और मनाने की कला सीखनी होगी। हम में से कुछ लोग दूसरों पर असर छोड़ने के मामले में औरों से आगे होते हैं, जबकि बाकी लोगों में बेहतरी या सुधार की गुंजाइश हमेशा रहती है। हम दुनिया भर के रिसर्चर का ऐसा ज्ञान बटोरकर आपकेसामने पेश कर रहे हैं, जो आपको दूसरों पर असर छोड़ने की कला का मजबूत खिलाड़ी बना सकता है।





शिकायत जीत के लिए, झल्लाने के लिए नहीं



कई बार शिकायत करना मंजिल तक पहुंचने की दिशा में पहला कदम हो सकता है। लेकिन गलत वक्त पर और बार-बार शिकायत करने से छवि पर दाग लग सकता है। शिकायत तब करें, जब उससे बड़े मुद्दे सामने न हों। ‘स्वार्थी’ के धब्बे से ज्यादा नुकसानदायक बात यह है कि बार-बार शिकायत करने पर आपकी बात सही तरह से नहीं सुनी जाएगी। शिकायत पर रिसर्च के बाद किताब लिखने वाले गाइ विंच के मुताबिक, ‘जब लोगों को शिकायत मिलती है, तो वह बचाव की मुद्रा में आ जाते हैं। यही वजह है कि आपके मन में भले कुछ भी चले, लेकिन शिकायत विनम्र बनकर करनी होगी।’ शिकायत करना भी एक कला है। विंच इसे ‘शिकायत का सैंडविच’ कहते हैं। सैंडविच की तरह शिकायत की प्रक्रिया तीन हिस्सों में बांटी जाती है। ब्रेड का ऊपरी हिस्सा शिकायत की सही शुरुआत है। ऐसा करते वक्त समझदारी और विनम्रता दिखानी चाहिए, ताकि सामने वाले को ऐसा न लगे कि उस पर हमला हो रहा है। विंच के मुताबिक सैंडविच के बीच का हिस्सा उसकी ‘फिलिंग’ है, जहां आपको बताना है कि शिकायत क्या है। सैंडविच के तीसरे और अंतिम हिस्से में आपको सामने वालों को इस बात का अहसास कराना है कि आप जो चाह रहे हैं, वह गैरवाजिब नहीं है।





दूसरों की चाहत जानना जरूरी लोगों के दिमाग पर असर डालने पर किताब लिखने वाले केविन डटन ने बताया कि वह एक बार नए साल की पार्टी में गए। वहां मेजबान महिला का सात साल का बेटा देर रात तक जागकर पार्टी में शामिल होना चाहता था। बच्चे की मां कह रही थी कि देर से सोने गए तो देर से उठोगे और चिड़चिड़ापन होगा। बच्च होशियार था, उसने जवाब दिया कि क्या आप यह चाहती हैं कि जब आप सोएं तो मैं जागकर आपको तंग करूं। डटन ने कहा, ‘उस बच्चे ने अपना काम साधने के लिए मां की इच्छा और हितों की दुहाई दी। नतीजतन उसे पार्टी में मजे लेने की इजाजत मिल गई।’ इससे सीख लेते हुए डटन ने निष्कर्ष निकाला कि इस होशियार बच्चे की रणनीति से भी दूसरों पर असर डाला जा सकता है। इसमें अपना हित साधने के लिए उसे दूसरों के हितों से जोड़ा जाता है। और अगर अपनी इस कोशिश में सहानुभूति और आत्मविश्वास मिलाइए, जीत पक्की है। लोगों को सोचने पर मजबूर



कीजिए



अगर आप किसी करीबी की बुरी आदत छुड़ाना चाहते हैं, तो इसमें फायदा आपका भी है (क्योंकि आप नहीं चाहते कि उस आदत को लेकर बार-बार चिंतित होना पड़े)। लेकिन किसी को भी हिदायतें पसंद नहीं। दूसरों पर असर डालने के विषय पर किताब लिखने वाले माइकल पैंटालन का कहना है, ‘अगर आप किसी से कहें कि आपको जबरन कुछ करने की जरूरत नहीं, खुद फैसला कीजिए, तो वह आपके बारे में सोचने की बजाय अपने विचारों के बारे में सोचेगा।’ पैंटालन चेताते भी हैं कि जब कोई खुद को बर्बाद करने पर उतारू हो, तो उस आदत से पीछा छुड़ाने की प्रेरणा उसकी ओर से आनी चाहिए। उदाहरण के लिए आप अपने भाई को शराब छोड़ने केलिए लंबे वक्त से कह रहे हैं। काफी दबाव डाल रहे हैं। ऐसे में आप उनसे कहेंगे, मैं अब और कोशिश नहीं करूंगा, क्योंकि अगर तुम पीना चाहते हो तो यह तुम्हारा फैसला है। बाद में आप विनम्रता से भाई से पूछिए कि वह शराब क्यों छोड़ना चाहता है। मुमकिन है कि वह मजबूर कर देने वाले कुछ कारण आपको बताएं। फिर सवाल कीजिए कि वह खुद को बदलने के लिए किस हद तक तैयार है। पैंटालन ने कहा, ‘जो कारण वह बताएगा, मुमकिन है आप वही वजहें लंबे वक्त से उसे बता रहे हों। लेकिन उसके मुंह से निकलने वाली बात ज्यादा असरदार होगी।’



नजर दूसरों के लक्ष्य से कोसों आगे रखें



स्टीव जॉब्स पर लिफ्ट में जाते वक्त कर्मचारियों को बर्खास्त करने का इल्जाम है। इसके बावजूद इस गैजेट गुरु ने एप्पल को फर्श से अर्श तक पहुंचाया। जॉब्स के कर्मचारी भले कितने तंग हों, लेकिन उन्होंने नौकरी नहीं छोड़ी, क्योंकि उन्हें एप्पल के साथ काम करने के फायदे पता थे। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में ऑर्गेनाइजेशनल बिहेवियर के प्रोफेसर रोडरिक क्रैमर और विलियम बी किम्बॉल के मुताबिक जॉब्स के इतना सख्त होने के बावजूद कामयाब होने की दो वजह हैं। पहला, सख्त होने के बावजूद उनमें टैलेंट और अक्लमंदी कहीं ज्यादा थी। दूसरा, जॉब्स जैसे लीडर इसलिए कामयाब हुए, क्योंकि उनके पास सम्मोहित करने वाली दूरदृष्टि थी, जो पैसे से ज्यादा बड़ी चीज है।’ कुछ विशेषज्ञों के मुताबिक प्रभावित और प्रेरित करने वाला सही व्यक्ति वह है, जो कायापलट कर सके। लीडर वही है, जो सहयोगियों के सर्वश्रेष्ठ पहलू सामने लाए और लक्ष्यों एवं रणनीतियों को लेकर साफगोई बरते।



बहरहाल, आपको अपने बच्चे को प्रभावित करना हो या फिर बोर्ड ऑफ डायरेक्टर से अपनी बात मनवानी हो, असर छोड़ने के लिए इनका इस्तेमाल कीजिए। इन तमाम चीजों को आजमाने के बाद मुमकिन है कि दूसरों पर असर छोड़ने की अपनी खास कला आप तैयार कर पाएं।





पांच असरदार रास्ते



असर डालने वाले ये चीजें खूब आजमाते हैं। लेकिन यह सुनिश्चित करें कि आप इनके लपेटे में न आएं:



इस हाथ लें, उस हाथ दें एक के साथ एक मुफ्त के चक्कर में हम कई बार वे चीजें खरीद लेते हैं, जिनकी असल में हमें जरूरत नहीं होती।





अच्छा बनने का चस्का



अगर आप किसी को सार्वजनिक मंच पर प्रौढ़ शिक्षा के पक्ष में विचार रखने को कहेंगे, तो मुमकिन है कि बाद में वह व्यक्ति इस उद्देश्य के लिए कुछ न कुछ दान दे जाए। सोसाइटी की मुहर हम ऐसे काम करना पसंद करते हैं, जो हम जैसे कई दूसरे लोग करते दिखते हैं।





पसंद का फेर



अगर आप किसी को पसंद करते हैं, तो उसकी रिक्वेस्ट को मना नहीं कर पाएंगे। अगर कोई सुंदर लड़की या हैंडसम लड़का रिक्वेस्ट करे, तो इसकी संभावनाएं और बढ़ जाएंगी।





अथॉरिटी का असर



टूथपेस्ट कंपनियां अपने प्रोडक्ट की सिफारिश आम आदमी नहीं, बल्कि दांतों के डॉक्टर से कराती हैं, जिससे ग्राहकों पर गहरा असर होता है।



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