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- शुरू होने से पहले ही बंद किया गया जर्मनी का न्यूक्लियर रिएक्टर, अब थीम पार्क
शुरू होने से पहले ही बंद किया गया जर्मनी का न्यूक्लियर रिएक्टर, अब थीम पार्क
1972 में न्यूक्लियर रिएक्टर एसएनआर 300 को जर्मनी की न्यूक्लियर ऊर्जा में योगदान देने के लिए तैयार किया गया था। अब यह रिएक्टर खूबसूरत थीम पार्क के रूप में बदल चुका है। इसे प्लूटोनियम को ईंधन के तौर पर और सोडियम को कूलिंग एजेंट की तरह इस्तेमाल करने के लिए डिजाइन किया गया था। इस तरह के रिएक्टर कन्वेंशनल रिएक्टर की तुलना में कई गुना तबाही पैदा करते हैं। यह न्यूक्लियर रिएक्टर भी अपने समय के सभी रिएक्टर से कई गुना ज्यादा तबाही पैदा करने का माद्दा रखता था, इसलिए बनकर तैयार होने के बाद भी अथॉरिटी ने इसे कंटेमिनेशन की रिस्क की वजह से इस्तेमाल न करने का निर्णय लिया। शुरू होने से पहले ही इस पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। इस तरह बिना इस्तेमाल किए ही यह दुनिया का सबसे महंगा कबाड़ बनकर रह गया। 1991 में एक डच व्यवसायी ने इसे 3 अरब डॉलर में खरीद लिया। कूलिंग टावर को बिना हटाए उन्होंने यहां अयूजमेंट पार्क बनवाया। नाम रखा गया ‘वंडरलैंड कलकर’। अब यहां छह लाख पर्यटक हर वर्ष आते हैं। कूलिंग टावर के अंदर लोग स्विंग राइड का लुत्फ उठाते हैं।क्चड्डह्लद्यड्डह्यशड्ढह्यष्ह्वह्म्ड्ड.ष्शद्व