पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • स्टेज पर ले जाकर किया दुष्कर्म, ताकि पूरा गांव देखे : पीडि़ता

स्टेज पर ले जाकर किया दुष्कर्म, ताकि पूरा गांव देखे : पीडि़ता

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
नई दिल्ली/कोलकाता - पश्चिम बंगाल के बीरभूम में सामूहिक दुष्कर्म की शिकार लड़की और उसके परिजन ने बताया कि मुखिया के आदेश के बाद लड़की को गांव में ही बने ऊंचे स्टेज पर ले जाया गया। फिर सबने वहीं जाकर लड़की से दुष्कर्म किया। ताकि गांवभर के लोग ये सब देख सकें। दुष्कर्म करने वालों में लड़की के पिता की उम्र के भी लोग शामिल थे। लड़की ने पुलिस को दिए बयान में कहा था कि उसके बेहोश होने तक लोग उससे दुष्कर्म करते रहे। इस बीच गांव के लोग दुष्कर्म के आरोपियों को बचाने में लग गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान : शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया रिपोर्ट के आधार पर खुद पहल करते हुए मामले की सुनवाई की। घटना पर हैरानी जताई। साथ ही बीरभूम के जिला जज को मौके पर जाकर मामले की जांच करने और सात दिन में रिपोर्ट देने को कहा। शेष पेज - ९

स्टेज पर ले...
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को भी नोटिस जारी किया। उसे 31 जनवरी तक जवाब देने को कहा है। घटना सोमवार की है। बीरभूम के लाभपुर गांव के मुखिया ने लड़की से सामूहिक दुष्कर्म का
फैसला सुनाया था। लड़की का अपराध इतना था कि उसने दूसरी बिरादरी के लड़के से प्रेम किया। मुखिया ने पहले लड़की और लड़के पर 25-25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया।
पुलिस ने मांगी आरोपियों की रिमांड
बढ़ते दबाव के बीच सरकार ने बीरभूम के एसपी सी. सुधाकर का ट्रांसफर कर दिया है। पुलिस गुरुवार को आरोपियों को रिमांड पर नहीं ले पाई थी। कोर्ट ने सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। इसके बाद लोगों ने जबरदस्त हंगामा किया। पुलिस ने अब सभी आरोपियों को रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में अर्जी लगाई है।

दुनियाभर के अखबारों में घटना का जिक्र
पश्चिम बंगाल में हुई दुष्कर्म की इस घटना को दुनियाभर के मीडिया ने जगह दी। न्यूयॉर्क टाइम्स, वॉल स्ट्रीट जनरल, अल जजीरा और अन्य अखबारों में घटना पर लंबे-लंबे आर्टिकल छपे हैं। इसमें घटना के बाद पुलिस और नेताओं के रवैये के बारे में लिखा गया है। साथ ही भारत के ग्रामीण इलाकों के पिछड़ेपन का जिक्र किया गया है। कुछ नजीर...
न्यूयॉर्क टाइम्स : ग्रामीण भारत में ग्राम सभाओं का जोर रहता है। वे अमूमन सख्त फैसले सुनाते हैं। कुछ मामलों में तो वही तय करते हैं कि कौन किससे शादी करेगा। फैसला न मानने पर जोड़ों की हत्या तक कर दी जाती है।
हेरॉल्ड ट्रिब्यून : कई बार नेता ही पीडि़त के खिलाफ हो जाते हैं। पिछले साल दुष्कर्म के एक मामले में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ही कह दिया कि पीडि़त झूठ बोल रही है। जबकि पुलिस के पास घटना के पुख्ता सबूत थे।
अल जजीरा : सरकार का रुख इससे पता चलता है कि जब मामले के 13 आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया तो सरकारी वकील नदारद थे। पुलिस आरोपियों को रिमांड पर नहीं ले पाई। सभी को जेल भेज दिया गया।
वॉल स्ट्रीट जनरल : दिसंबर-2012 की घटना के बाद एक तरफ तो भारत महिलाओं के खिलाफ अपराध के लिए काम कर रहा है। वहीं दूसरी ओर ग्रामीण इलाकों में पंचायत के फैसलों से दुष्कर्म की घटनाएं हो रही हैं।