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सड़क बनाते-बनाते आप भी ‘कुछ’ बनाने लगें तो ठीक नहीं : नीतीश970 सड़कों का शिलान्यास-!-ग्रामीण कार्य विभाग के इंजीनियरों को बातों-बातों में दी चेतावनी
भास्कर न्यूज - पटना
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ग्रामीण कार्य विभाग के इंजीनियरों को चेताया कि सड़क बनाते-बनाते आप भी ‘कुछ’ बनाने लगे, तो यह ठीक नहीं होगा। हम केंद्र से लड़ कर, कर्ज लेकर, टैक्स के जरिए धन लाएं और कोई उस पर मौज करने लगे, यह बर्दाश्त नहीं होगा। हर किसी के काम की कड़ी निगरानी की जा रही है। उन्होंने गुरुवार को मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना की शुरुआत के मौके यह बात कही।
27 जिलों में 970 सड़कों का शिलान्यास करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नई योजना राज्य के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक वातावरण में जबर्दस्त बदलाव लाएगी। सड़कों के निर्माण के साथ उनका रखरखाव भी होना चाहिए। सड़कें खराब होने पर बदनामी बढ़ती है। अगर लोग प्रसन्न हुए तो हम भी प्रसन्न। जनता नाराज, तो हम कैसे खुश रह सकते हैं?
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना से 250 तक की आबादी वाले सभी बसावटों को पक्की सड़क से जोड़ा जाएगा। राज्य में ऐसे बसाहटों की संख्या 32,200 है। पांच वर्षों में इन्हें सड़क उपलब्ध कराने के लिए 37,908 किमी लंबे 22,363 पथों का निर्माण कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना इंटीग्रेटेड एक्शन प्लान में शामिल 11 जिलों को छोड़ कर सभी को कवर करेगी। मुख्यमंत्री ने नई योजना की गाइडलाइन, ग्रामीण कार्य विभाग की बेवसाइट ‘दर्पण’ और ऑनलाइन कॉन्ट्रेक्टर रजिस्ट्रेशन सॉफ्टवेयर का भी लोकार्पण किया।
1505
किमी लंबाई
1168.57
करोड़ रुपए लागत
बनानी हैं ये सड़कें
दिघवारा-सेमरी, डुमरावं-विक्रमगंज, भेंगारी-मिश्रौली, बायसी-बहादुरगंज, भभुआ-अधौरा, कादिरगंज-सोनो, घोघा-बाराहाट, अकबरपुर-अमरपुर, सरायगढ़-परवाहा, हाजीपुर-बछवारा, मानसी-अरदी चौघरा, मांझी-बरौली, बिशनपुर- घोघराहाचट्टी, कटिहार-बलरामपुर, बंधुगंज-रोहिणी, अंबा-गया, बिहिया-बिहटा, मंझवे-गोविंदपुर, बेतिया-लौरिया
ञ्चराज्य में स्टेट हाइवे : 4857 किमी राष्ट्रीय सम विकास योजना से बनीं सड़कें : 2040 किमी. ञ्चएडीबी सॉफ्ट लोन से बनीं/निर्माणाधीन सड़कें : 1429 किमी. ञ्चसीआरएफ के तहत बनने वालीं ञ्चसड़कें : 58 किमी. ञ्चनिर्माण के लिए बचीं सड़कें : 1330 किमी. ञ्चपुराने एसएच : 11 नवघोषित : 1319
एसएच का गणित
हो रही पैसे ही व्यवस्था
॥सड़कों का डीपीआर बन रहा है। पैसे की व्यवस्था की जा रही है। जल्द ही निर्माण प्रक्रिया शुरू की जाएगी।ञ्जञ्ज
देव नारायण प्रसाद, सीजीएम, बीएसआरडीसी
केंद्र द्वारा प्रस्ताव खारिज करने के बाद सरकार एशियन डेवलपमेंट बैंक ((एडीबी)) और जाइका ((जापान की बैंक)) से लोन लेने का प्रयास कर रही है। फिलहाल, करीब 1500 किमी. स्टेट हाइवे का निर्माण कार्य एडीबी के लोन से ही चल रहा है। आवश्यकता पडऩे पर बाजार से पैसा उगाहने ((बॉण्ड लाने)) की भी योजना बनाई गई है। वैसे पथ निर्माण विभाग सूबे की सड़कों के निर्माण के अन्य वैकल्पिक रास्ते पर भी काम कर रहा है। पीपीपी मोड पर स्टेट हाइवे के निर्माण की नीति पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
ये हैं विकल्प
आवेदनों पर करें कार्रवाई, गफलत में भी नहीं होनी चाहिए चूक
सम विकास योजना
पारदर्शिता से बदली कार्यपद्धति : भीम
ग्रामीण कार्य मंत्री डॉ. भीम सिंह ने कहा कि विभाग ने समयबद्धता, गुणवत्ता, मितव्ययिता, निष्पक्षता और पारदर्शिता को आधार बनाया है। इसी से कार्यपद्धति और क्षमता में बदलाव आया। मौके पर शिक्षा मंत्री पीके शाही, मुख्य सचिव अशोक कुमार सिन्हा, विकास आयुक्त आलोक कुमार सिन्हा और मुख्यमंत्री के सचिव अतीश चन्द्रा भी मौजूद थे। स्वागत भाषण सचिव ग्रामीण कार्य विभाग डॉ. बी राजेंदर ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन अपर सचिव आर. लक्ष्मण ने किया।
कार्यक्रम में मंत्री पीके शाही, डॉ भीम सिंह, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मुख्य सचिव अशोक कुमार सिन्हा।
वल्र्ड बैंक से मांगी मदद
मुख्यमंत्री ने कहा कि 250 आबादी वाले बसावटों को सड़क से जोडऩे के लिए वल्र्ड बैंक से मदद मांगी गई है। वल्र्ड बैंक पहले से ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए कर्ज दे रहा है। हमने उन्हें बताया है कि मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना केंद्र की योजना का विस्तार है। इस पर वल्र्ड बैंक ने विचार करने का आश्वासन दिया है। हम दूसरे स्रोतों से भी धन की व्यवस्था कर रहे हैं।
कोई कह नहीं सकता कि वेतन कम है
मुख्यमंत्री ने कहा कि छठा वेतन मिलने के बाद कोई भी राज्यकर्मी यह नहीं कह सकता कि उसे कम वेतन मिलता है। हम राज्यकर्मियों के सेवा शर्तों को दुरुस्त करने के लिए उदारतापूर्ण दृष्टिकोण रखते हैं। आपका काम है अच्छे परिणाम देना। समय सीमा के अंदर गुणवत्ता के साथ सभी कार्यों को पूरा कराएं।
मिलकर चाहेंगे, तभी सुशासन संभव है
आयोग के पूर्व अध्यक्ष न्यायमूर्ति एस एन झा ने कहा कि जस्टिस डिलेवरी सिस्टम में आयोग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। लोकायुक्त सीएम प्रसाद ने कहा कि भ्रष्टाचारमुक्त सिस्टम से ही सुशासन की कल्पना की जा सकती है। न्यायमूर्ति राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि मिलकर चाहेंगे, तभी सुशासन संभव है।