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बैद्यनाथ भवन के कर्मी ने जहर नहीं खाया था

8 वर्ष पहले
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ञ्च विसरा को एफएसएल जांच के लिए भेजा गया
ञ्च डॉक्टर की रिपोर्ट आईओ भी नहीं पढ़ सके
भास्कर न्यूज - पटना
जक्कनपुर थाना के चिरैयाटांड़ में स्थित वैद्यनाथ आयुर्वेद भवन में काम करने वाले तीन कर्मियों की मौत के मामले में पुलिस को घटना के पांच दिनों के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिल गई। रिपोर्ट में न तो जहर खाने से हुई मौत की बात सामने आई है और न ही शरीर पर बाहरी जख्म के निशान रहने का खुलासा हुआ है। हालांकि रिपोर्ट लेने के लिए आईओ पिछले तीन दिनों से पीएमसीएच का चक्कर लगा रहे थे, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि डॉक्टरों ने रिपोर्ट नहीं दी। सूत्रों के अनुसार आईओ को जो रिपोर्ट मिली है, उसे पुलिस के वरीय अधिकारी भी नहीं पढ़ पा रहे हैं। जब आईओ ने पोस्टमार्टम लिखने वाले डॉक्टर से रिपोर्ट के बारे में पूछा तो उन्होंने कुछ नहीं बताया। इसको लेकर आईओ व पुलिस अधिकारियों में संशय की स्थिति बनी हुई है। बहरहाल विसरा को सुरक्षित कर इसे एफएसएल जांच के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि हिस्टोपैथोलॉजिकल टेस्ट व विसरा रिपोर्ट के बाद हकीकत सामने आ जाएगी।




क्या था मामला

दरअसल पेटेंट विभाग में काम करने वाले महेंद्र, सुरेश व रमेश तीनों 18 जनवरी को दिन के नौ बजे ड्यूटी करने पहुंचे थे। तीनों की डबल ड्यूटी लगी थी। रात नौ बजे तीनों ने बाहर से लिट्टी लाया और खा लिया फिर काम करने लगे। रात एक बजे रमेश को बाथरूम जाते हुए देखा गया था। 19 जनवरी की सुबह जब रमेश का साला कमेंद्र उस कमरे में पहुंचा तो तीनों की लाश पाई गई। कमरे में बुझी हुई अंगीठी पाई गई थी, जिससे यह पता चला है कि इन लोगों ने ठंड से बचने के लिए अंगीठी का इस्तेमाल किया। रूम पैक होने की वजह से अंगीठी से निकली धुआं से तीनों की दम घुटने से मौत हुई।