पीयू के पूर्व कुलपति पर आदेश सुरक्षित
विधि संवाददाता - पटना
निगरानी के विशेष न्यायाधीश चौधरी बीरेंद्र कुमार राय ने पटना विश्वविद्यालय में हुए गबन के आरोप में शामिल पूर्व कुलपति शंभूनाथ सिंह की दाखिल अग्रिम जमानत अर्जी पर गुरुवार को सुनवाई पूरी की। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक भोला प्रसाद वर्मा ने जमानत का विरोध किया। अदालत ने जमानत पर फैसले के लिए छह फरवरी 2014 की तिथि निर्धारित की है। निगरानी के इंस्पेक्टर मदन प्रसाद सिंह ने 23 सितंबर 2013 को निगरानी की विशेष अदालत में पटना विश्वविद्यालय में हुए करोड़ों रुपए के वित्तीय अनियमितता एवं सरकारी राशि के गबन के लिए पूर्व कुलपति सहित तत्कालीन रजिस्ट्रार विभाष कुमार यादव और तत्कालीन वित्त पदाधिकारी अवधेश सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे के अनुसार अभियुक्त ने मरम्मत एवं साज सज्जा के नाम पर बिना कार्य कराए एक करोड़ 12 लाख 74 हजार 777 रुपये गबन करने का आरोप है।
संस्कृत विवि के कुलपति पर जांच का आदेश
पटना - शिक्षा विभाग ने कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति रामचंद्र झा के खिलाफ जांच का आदेश दिया है। शिक्षा विभाग ने वित्त विभाग के निदेशक ((अंकेक्षण)) को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि कुलपति पर 20 करोड़ रुपए अवैध ढंग से वितरित करने का आरोप है। यह वित्तीय अनियमितता का मामला है, जो गंभीर प्रकृति का है। प्राथमिकता के आधार पर इसकी जांच ऑडिटरों की टीम से कराएं और 15 दिनों के अंदर रिपोर्ट दें। शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव सुनील कुमार सिंह के हस्ताक्षर से यह पत्र वित्त अंकेक्षण के निदेशक को भेजा गया है। साथ में 122 पृष्ठों का शिकायत पत्र भी भेजा गया है। इस संबंध में कुलपति ने कहा कि शिक्षा विभाग का पत्र अभी हमने नहीं देखा है, इसलिए इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दूंगा। विदित हो कि शिक्षा विभाग को शिकायत पत्र जदयू के प्रदेश महासचिव कमल करोड़ी से प्राप्त हुआ था। इसकी छानबीन करने के बाद जांच का आदेश जारी हुआ है।
विवि में एक करोड़ से अधिक के गबन का मामला