जालसाजों को पकडऩे सीवान गई पुलिस
भास्कर न्यूज - पटना
दिल्ली के व्यापारी प्रीतिपाल सिंह चड्ढा से 7 लाख का फर्जी बैंक ड्राफ्ट देकर दिल्ली से नर्सिंग ट्रेनिंग का सामान लेने वाले दो जालसाजों को गिरफ्तार करने के लिए पटना पुलिस की एक विशेष टीम सीवान के लिए रवाना हो गई है। पुलिस इस दौरान सीवान के साथ ही छपरा में भी राजीव कुमार व पप्पू सिंह के ठिकानों पर छापेमारी करेगी।
इधर, पुलिस ने इन दोनों के अलावा गोदाम मालिक धर्मेंद्र के मोबाइल को भी सर्विलांस पर लेकर जांच करना शुरू कर दिया है। पुलिस इससे यह पता लगा रही है कि राजीव व पप्पू से गोदाम मालिक का क्या लिंक था। क्या दिल्ली से जो सामान यहां लाए गए इससे पहले ही राजीव व पप्पू से धर्मेंद्र की बात तय हो गई थी। जब्त सामान रामकृष्णानगर थाना के खेमनीचक स्थित टीआर ब्राइट आईटीआई में रखा हुआ है। यहीं से पुलिस ने बुधवार को पौने आठ लाख रुपए का सामान जब्त किया था। पुलिस मौके से हिरासत में लिए गए केयर टेकर राजीव से पूछताछ करने में जुटी है। उसने भी पुलिस को राजीव, पप्पू व धर्मेंद्र के बारे में कोई ठोस सुराग नहीं दिए हैं। सदर डीएसपी मुत्तफिक अहमद ने बताया कि पुलिस सीवान के लिए रवाना हो चुकी है।
क्या था मामला
दरअसल 4 जनवरी को राजीव व पप्पू दोनों दिल्ली के झंडेवालान स्थित प्रीतिपाल सिंह चड्ढा के फर्म भारत एजुकेशनल स्टोर में गए। उस दिन इन लोगों ने सामान की कोटेशन आदि दिया। फिर 11 जनवरी को सात लाख रुपए का फर्जी ड्राफ्ट देकर पौने आठ लाख रुपए का नर्सिंग ट्रेनिंग का सामान ले लिया। 30 कार्टून में पैक सामान को दिल्ली में हरि लॉजिस्टिक में बुक किया गया और यह पटना पहुंच गया। प्रीतिपाल ने इस बैंक ड्राफ्ट को अपने फर्म के मुख्यालय मेरठ स्थित एचडीएफसी बैंक में 13 जनवरी को जमा किया। 15 जनवरी को उन्हें पता चला कि जो ड्राफ्ट जमा किया गया है वह फर्जी है। हकीकत सामने आने के बाद प्रीपाल के पुत्र जसदीव समधी चावला पटना पहुंचे और पुलिस को इसकी जानकारी दी। उसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।