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कराने गए हार्ट का ऑपरेशन, मिला नौकरी से सस्पेंशनहर्ट रोगी आलोक कुमार को परेशान कर रहा स्टेट फूड एंड सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन

8 वर्ष पहले
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देवांशु नारायण. 9304605993

राज्य खाद्य निगम के असिस्टेंट मैनेजर आलोक कुमार हार्ट पेशेंट हैं। विभाग ने पिछले आठ महीने से इनकी सैलरी नहीं दी है। पिछले वर्ष अगस्त में लखनऊ में हुए आपरेशन में 4.24 लाख की राशि खर्च हुई थी, जिसे आजतक राज्य खाद्य निगम ने जारी नहीं किया। विभाग ने इनका सस्पेंशन एलाउंस भी रोक रखा है।

मामला आलोक के ट्रांसफर से जुड़ा हुआ है। चार जून 2013 को आलोक को हार्ट पेन हुआ। इनका कहना है कि इन्होंने तुरंत ही राज्य खाद्य निगम को 15 दिनों की छुट्टी का पत्र लिखा। विभाग ने दो दिन बाद विभाग के एक कर्मचारी ने न केवल स्पष्टीकरण पत्र पहुंचा दिया बल्कि पुनपुन स्थानांतरण की चिट्ठी भी साथ-साथ थमा दी। आपने अब तक वहां ज्वाइन क्यों नहीं किया। आलोक स्पष्टीकरण पत्र लिखकर अगले दिन इलाज के लिए लखनऊ चले गए। यहां भर्ती रहने के बाद जुलाई में लगातार दो बार हार्ट की सर्जरी हुई। डीबी स्टार के सामने अपने इलाज संबंधी मूल दस्तावेज के साथ बात रखने पहुंचे आलोक ने बताया कि इलाज के दौरान ही उन्हें लखनऊ में परिजनों से सूचना मिली कि राज्य खाद्य निगम ने 13 जून 2013 को उन्हें पूर्णिया ट्रांसफर कर दिया। एक हफ्ते के अंदर दो बार ट्रांसफर की जानकारी मिलने के बावजूद वह कुछ नहीं कर सके। इलाज कराने के बाद लखनऊ से आने पर यह पता चला कि उन्हें 13 जून से ही निलंबित भी कर दिया गया है।







देवांशु नारायण : पटना

९३०४६०५९९३

कराने गए हार्ट का ऑपरेशन, मिला नौकरी से सस्पेंशन





राज्य खाद्य निगम के असिस्टेंट मैनेजर आलोक कुमार हार्ट पेशेंट हैं। विभाग ने पिछले आठ महीने से इनकी सैलरी नहीं दी है। पिछले वर्ष अगस्त में लखनऊ में हुए आपरेशन में 4.24 लाख की राशि खर्च हुई थी, जिसे आजतक राज्य खाद्य निगम ने जारी नहीं किया। विभाग ने इनका सस्पेंशन एलाउंस भी रोक रखा है।

मामला आलोक के ट्रांसफर से जुड़ा हुआ है। चार जून 2013 को आलोक को हार्ट पेन हुआ। इनका कहना है कि इन्होंने तुरंत ही राज्य खाद्य निगम को 15 दिनों की छुट्टी का पत्र लिखा। विभाग ने दो दिन बाद विभाग के एक कर्मचारी ने न केवल स्पष्टीकरण पत्र पहुंचा दिया बल्कि पुनपुन स्थानांतरण की चिट्ठी भी साथ-साथ थमा दी। आपने अब तक वहां ज्वाइन क्यों नहीं किया।

आलोक स्पष्टीकरण पत्र लिखकर अगले दिन इलाज के लिए लखनऊ चले गए। यहां भर्ती रहने के बाद जुलाई में लगातार दो बार हार्ट की सर्जरी हुई। डीबी स्टार के सामने अपने इलाज संबंधी मूल दस्तावेज के साथ बात रखने पहुंचे आलोक ने बताया कि इलाज के दौरान ही उन्हें लखनऊ में परिजनों से सूचना मिली कि राज्य खाद्य निगम ने 13 जून 2013 को उन्हें पूर्णिया ट्रांसफर कर दिया। एक हफ्ते के अंदर दो बार ट्रांसफर की जानकारी मिलने के बावजूद वह कुछ नहीं कर सके। इलाज कराने के बाद लखनऊ से आने पर यह पता चला कि उन्हें 13 जून से ही निलंबित भी कर दिया गया है।