बंदूक के बल पर समस्या का समाधान नहीं
भास्कर न्यूज - पटना
बंदूक के बल पर या डर दिखाकर समस्या का स्थाई समाधान संभव नहीं है। बातचीत या एक-दूसरे की परेशानियों को समझने से समस्या का समाधान हो सकता है। यह कहना है साउथ एशियन यूनिवर्सिटी नई दिल्ली के विजिटिंग प्रोफेसर व विचारक डॉ राजेंद्र गोविंद हर्षे का। वे शुक्रवार को एएन सिन्हा इंस्टीट्यूट में सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ बिहार द्वारा आयोजित लेक्चर सीरिज में बोल रहे थे। विषय ‘इंडिया एंड रीजनल कोऑपरेशन इन साउथ एशिया: चैलेंज एंड अपॉरच्युनिटी’ था। इस मौके पर मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार डॉ पवन वर्मा, सेंट्रल यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ जनक पाण्डेय, रजिस्ट्रार मोहम्मद नेहाल आदि मौजूद थे। डॉ हर्षे ने कहा कि भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान, बर्मा, श्रीलंका आदि की सांस्कृतिक व आध्यात्मिक विरासत एक जैसी है। ऐसे में यह देश एक मंच पर आकर भ्रष्टाचार, आतंकवाद, गरीबी आदि चुनौतियों से मिलकर लड़े तो सभी का भला होगा। उन्होंने खासतौर से भारत पाकिस्तान को एक मंच पर मजबूती से आने पर बल दिया।