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आर ब्लॉक गेट पर जाम से निजात के चार फार्मूले तैयार

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - पटना

प्रदर्शन व जुलूस के कारण साल में करीब 120 दिन आर ब्लॉक का गेट बंद होता है। इससे हर तीसरे दिन जाम की स्थिति रहती है। प्रशासन ने इसके विकल्प के रूप में 4 फार्मूले का प्रस्ताव सरकार को भेजा है। दरअसल, इस गेट के बंद होते ही डाकबंगला चौराहा, स्टेशन गोलंबर, मीठापुर, आयकर गोलंबर, अदालत गंज, हड़ताली मोड़, जवाहर लाल नेहरू पथ व स्टेशन की सभी सड़कें जाम हो जाती है। इन विकल्पों पर प्रदर्शन करने वाले संगठन भी सहमत हैं।

सिविल एसडीओ नय्यर इकबाल से बातचीत पर आधारित



सुझाव-1 - हार्डिंग पार्क स्थित मैदान

जुलूस को आर ब्लॉक से पहले ओवरब्रिज के पास रोका जा सकता है। इसे रोकने के लिए पुल के दोनों तरफ गेट भी लगे हैं। प्रदर्शन व जुलूस को ओवरब्रिज के नीचे रोक कर हार्डिंग पार्क स्थित मैदान में भेज दिया जाए। इस गेट के इस्&52द्भ;तेमाल के लिए सरकार के स्तर से आदेश की जरूरत है।

सुझाव- 2 पुराने बस स्टैंड वाली जगह

धरना-प्रदर्शन व जुलूस को ओवरब्रिज के नीचे रोका जाए। हार्डिंग पार्क स्थित पुराने बस स्टैंड वाली जगह पर उन्हें प्रदर्शन के लिए जगह दी जाए। इसके लिए पुल के नीचे से ही बस स्टैंड तक लोहे की बैरिकेडिंग करनी होगी।

सुझाव-3 मिलर स्कूल ग्राउंड

प्रदर्शनकारियों को को डाकबंगला चौराहे से आयकर गोलंबर होते मिलर स्कूल ग्राउंड पर ले जाने की इजाजत दी जाए। वीरचंद पटेल पथ चार लेन वाली सड़क है। मिलर मैदान भी बड़ा है। इससे जाम की स्थिति नहीं बनेगी।

सुझाव-4 बाईपास पर बने नई जगह

धरना-प्रदर्शन को शहर से बाहर बाईपास पर भेज जा सकता है। इसके लिए बाइपास पर खाली जमीन अधिगृहित की जा सकती है। यहां धरना प्रदर्शन के लिए नया स्पॉट डेवलप किया जा सकता है। इससे शहर में जाम नहीं लगेगा।



कर्मचारी संगठन बोले

पहला सुझाव ठीक है। सरकार धरना-प्रदर्शन के लिए हार्डिंग पार्क वाले मैदान को बुनियादी सुविधाओं से लैस कर देती है तो इसका स्वागत सभी जनवादी संगठन करेंगे। शहर से बाहर धरना स्थल जाएगा तो इसका विरोध किया जाएगा।

मंजुल दास, अध्यक्ष, बिहार अराजपत्रित महासंघ

पहला सुझाव ठीक है। प्रदर्शन की जगह विधानसभा के आसपास ही होनी चाहिए।

अरुण कुमार मिश्र, महामंत्री, सीटू

सरकार इसके लिए सर्वदलीय बैठक बुलाए। ताकि कम आवागमन प्रभावित होने वाली जगह पर लोग धरना-प्रदर्शन कर सकें।

चंद्रप्रकाश सिंह, प्रदेश अध्यक्ष, इंटक







1972 से अब तक 4 बार बदल चुकी प्रदर्शन की जगह

1972-77 तक जनवादी संगठन मंत्रियों के आवास के समक्ष प्रदर्शन करते थे। हालांकि जेपी आंदोलन के बाद से ही धरना-प्रदर्शन के लिए दूसरी जगह देने की बात होने लगी थी। राज्य सरकार ने 1977-84 तक शहीद स्मारक ((विधानमंडल के गेट)) के समक्ष प्रदर्शन करने की इजाजत दी। वर्ष 1984 में बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के बैनर तले आजाद भारत के इतिहास में कर्मचारियों ने पहली बार 25 दिनों की लंबी हड़ताल की। इससे नाराज तत्कालीन मुख्यमंत्री चंद्रशेखर सिंह ने कर्मचारियों पर लाठीचार्ज करने का आदेश तत्कालीन पटना डीएम आरके सिंह को दिया। इस घटना के बाद प्रशासन ने सचिवालय के उत्तरी गेट यानी बेली रोड पर धरना-प्रदर्शन करने की इजाजत दी। 2002 में बेली रोड पर गाडिय़ों के बढ़ते दबाव व जाम की समस्या को देखते हुए पटना उच्च न्यायालय ने धरना-प्रदर्शन को आर ब्लॉक गेट के समीप करने का आदेश दिया।





1972 से अब तक 4 बार बदल चुकी जगह

1972-77 तक जनवादी संगठन मंत्रियों के आवास के समक्ष प्रदर्शन करते थे। राज्य सरकार ने 1977-84 तक शहीद स्मारक ((विधानमंडल के गेट)) के समक्ष प्रदर्शन करने की इजाजत दी। 1984 में बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के बैनर तले आजाद भारत के इतिहास में कर्मचारियों ने पहली बार 25 दिनों की लंबी हड़ताल की। तत्कालीन मुख्यमंत्री चंद्रशेखर सिंह ने लाठीचार्ज करने का आदेश दिया। फिर बेली रोड पर जगह दी गई। 2002 हाईकोर्ट ने आर ब्लॉक गेट के समीप जगह देने को कहा।

॥पहला सुझाव ठीक है। सरकार धरना-प्रदर्शन के लिए हार्डिंग पार्क वाले मैदान को बुनियादी सुविधाओं से लैस कर देती है तो इसका स्वागत सभी जनवादी संगठन करेंगे। शहर से बाहर धरना स्थल जाएगा तो इसका विरोध किया जाएगा।

मंजुल दास, अध्यक्ष, बिहार अराजपत्रित महासंघ

॥ पहला सुझाव ठीक है। प्रदर्शन की जगह विधानसभा के आसपास ही होनी चाहिए।

अरुण कुमार मिश्र, महामंत्री, सीटू

॥ सरकार इसके लिए सर्वदलीय बैठक बुलाए। ताकि कम आवागमन प्रभावित होने वाली जगह पर लोग धरना-प्रदर्शन कर सकें।

चंद्रप्रकाश सिंह, प्रदेश अध्यक्ष, इंटक

बाईपास पर बने नई जगह

धरना-प्रदर्शन को शहर से बाहर बाईपास पर भेज जा सकता है। इसके लिए बाइपास पर खाली जमीन अधिगृहित की जा सकती है। यहां धरना प्रदर्शन के लिए नया स्पॉट डेवलप किया जा सकता है। इससे शहर में जाम नहीं लगेगा।

पुराने बस स्टैंड वाली जगह

धरना-प्रदर्शन व जुलूस को ओवरब्रिज के नीचे रोका जाए। प्रदर्शनकारियों को हार्डिंग पार्क स्थित पुराने बस स्टैंड वाली जगह पर उन्हें प्रदर्शन के लिए जगह दी जाए। इसके लिए ओवरब्रिज के नीचे से ही बस स्टैंड तक लोहे की बैरिकेडिंग करनी होगी।

मिलर स्कूल ग्राउंड

प्रदर्शनकारियों को डाकबंगला चौराहे से आयकर गोलंबर होते मिलर स्कूल ग्राउंड पर ले जाने की इजाजत दी जाए। वीरचंद पटेल पथ चार लेन वाली सड़क है। इस वजह से ट्रैफिक व्यवस्था पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। मिलर मैदान भी बड़ा है। इससे जाम की स्थिति नहीं बनेगी।

हार्डिंग पार्क आरओबी

जुलूस को आर ब्लॉक से पहले ओवरब्रिज के पास रोका जा सकता है। पुल के दोनों तरफ गेट भी लगे हैं। प्रदर्शन व जुलूस को ओवरब्रिज के नीचे रोक कर हार्डिंग पार्क स्थित मैदान में भेज दिया जाए। इस गेट के इस्तेमाल के लिए सरकार से आदेश की जरूरत है।



संगठन बोले

ये हैं सुझाव

पटना - प्रदर्शन व जुलूस के कारण एक साल में 120 दिन आर ब्लॉक का गेट बंद होता है। इससे हर तीसरे दिन जाम की स्थिति रहती है। सिविल एसडीओ नैय्यर इकबाल ने बताया कि विकल्प के रूप में प्रशासन ने 4 फार्मूले का प्रस्ताव सरकार को भेजा है। इस गेट के बंद होते ही डाकबंगला, स्टेशन गोलंबर, मीठापुर, आयकर गोलंबर, अदालतगंज, हड़ताली मोड़ व स्टेशन की सभी सड़कें जाम हो जाती है। इन विकल्पों पर प्रदर्शन करने वाले संगठन भी सहमत हैं।