‘अपॉच्र्यूनिटी’ के मंगलमय दस साल
वॉशिंगटन - नासा के ‘अपॉच्र्यूनिटी’ रोवर को मंगल ग्रह पर दस साल हो गए हैं। उसे २४ जनवरी २००४ को ईगल क्रेटर में मात्र ९० दिन के लिए उतारा गया था। डिजाइन भी सिर्फ एक किलोमीटर चलने की थी। लेकिन अपॉच्र्यूनिटी मानव द्वारा निर्मित पहला ऐसा रोवर है जो किसी दूसरे ग्रह पर इतने सालों से काम कर रहा है। इसके अलावा वह ३८.७० किमी की यात्रा पूरी कर चुका है। अभी वह एंडेवर क्रेटर में काम कर रहा है।
ञ्च रोवर ने एंडेवर क्रेटर में जाने से पहले ली थी खुद की ३६० डिग्री पैनारोमिक तस्वीर।
ञ्चरोवर के पीछे उसके पहियों के निशान भी दिख रहे हैं।
जून २०१२
एंडेवर क्रेटर से साढ़े तीन किमी दूर था। ये क्रेटर २३ किमी व्यास का है।
जनवरी २०१४
एंडेवर क्रेटर में उतर चुका है। यात्रा अब भी
जारी है...
२०११
शुरुआती तीन महीने सांता मारिया क्रेटर में बिताया। यह २९५ फीट व्यास का गड्ढा था।
२०१०
लाल रेत के टीलों की तस्वीरे भेजीं।
पानी के सबूत खोजे
रोवर के प्रोजेक्ट मैनेजर जॉन कैलस बताते हैं ‘अपॉच्र्यूनिटी’ ने एंडेवर क्रेटर में मौजूद चट्टानों की जांच की तो पता चला कि वहां चार अरब साल पहले साफ पीने योग्य पानी था।
यात्रा में ठोकर-चोट भी खाई
अपॉच्र्यूनिटी की लंबी यात्रा के दौरान हादसे भी हुए। पत्थरों से टकराकर उसकी दाहिनी तरफ का अगला टायर भी खराब हो गया। स्टीयरिंग कंपोनेंट, रोबोटिक आर्म और दो इंस्ट्रूमेंट्स भी खराब हो गए। सोलर पैनल पर धूल जमा होने की वजह से ऊर्जा में कमी आई। हवा चली और धूल साफ हुआ। ऊर्जा मिलते ही फिर लग गया काम पर।
आधा किमी व्यास वाले विक्टोरिया क्रेटर में रहा। शोधकार्य चलता रहा। इसी दौरान इसने क्रेटर के पश्चिमी हिस्से में केप सेंट मैरी चट्टानों की तस्वीरें भी भेजीं।
२००६ से २००८ तक
एंड्यूरेंस क्रेटर में उतरा। ४२५ फीट व्यास वाले क्रेटर में सात महीने रहा। क्रेटर में मौजूद केराटेपे स्थान के विभिन्न रंगों वाले चट्टानों की जांच की।
जून से दिसंबर, २००४
मंगल के ईगल क्रेटर पर उतरा। उतरते ही पानी होने के सबूत दिए। अपने ही हीटशील्ड की तस्वीर भेजी।
२४ जनवरी २००४
लाख से ज्यादा तस्वीरे भेज चुका है
किमी की यात्रा कर चुका है अब तक
दिन के मिशन पर भेजा गया था
जनवरी २००४ लाल ग्रह पर उतरा था
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने मनाया ‘अपॉच्र्यूनिटी’ रोवर का दसवां जन्मदिन, रोवर के एक्टिव रहने की उम्मीद जताई
एक दशक की यात्रा