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पुरुष बांझपन की जांच अब बिहार में, एम्स में नई लैब

8 वर्ष पहले
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अजय कुमार सिंह - पटना
पुरुषों में बांझपन का कारण क्या है, इसका इलाज संभव है या नहीं... इसकी जांच अब पटना एम्स में हो सकेगी। इसके लिए यहां मालिक्यूलर जेनेटिक लैब बनाई गई है। राज्य में पहली बार एम्स में इस लैब की स्थापना हुई है। इसके लिए अमेरिका से दो मशीनें ((आरटी पीसीआर और नैनो ड्रॉप)) मंगाई गई हैं। अब बांझपन के शिकार पुरुषों को इलाज में सहूलियत हो जाएगी। उन्हें राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
इस लैब से हुई जांच की रिपोर्ट दो दिन में मिल जाएगी। खास बात है कि जांच के लिए पैसे नहीं देने होंगे। जबकि बाहर में इस जांच के लिए १५-२० हजार रुपए देने होते हैं। जांच के बाद मरीज एम्स ही इलाज भी करा सकेंगे।




पुरुषों की होगी सिर्फ जांच

इस लैब से कैंसर, महिलाओं में बांझपन या जिन महिलाओं का बार-बार गर्भपात हो जाता है, उसकी वजह का पता लगाया जा सकता है। लेकिन, पटना एम्स इसका इस्तेमाल सिर्फ पुरुष बांझपन के कारणों के पता करने के लिए किया जाएगा। डब्ल्यूएचओ के एक सर्वे के मुताबिक, पुरुषों में स्पर्म का कन्सनट्रेशन घटकर 50 फीसदी हो गया है।

ट्रायल चल रहा है लैब का

केंद्र, डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी और पटना एम्स के निदेशक डॉ. गिरीश कुमार सिंह के प्रयास से इस लैब की स्थापना की गई है। इस लैब का ट्रायल चल रहा है। विधिवत उद्घाटन जल्द होगा। इसके बाद जांच शुरू हो जाएगी। डॉ. सक्सेना के मुताबिक, पटना में बांझपन के शिकार दंपतियों की संख्या अधिक है। प्राइवेट इनफर्टीलिटी क्लीनिक में बांझपन के शिकार दंपति की भीड़ रहती है।

बांझपन दो कारणों से होता है

पुरुष में दो कारणों से बांझपन होता है। पहला-अनुवांशिक। दूसरा-अधिक शराब, तंबाकू और तनाव से। बचपन में चेचक निकलने से भी बांझपन होने की आशंका रहती है। इन्हीं कारणों से स्पर्म ((वीर्य)) की क्वालिटी खराब हो जाती है और पुरुष बांझपन के शिकार हो जाते हैं। डॉ. अजीत सक्सेना के मुताबिक, छतीसगढ़, झारखंड और ओडिशा में भी मालूक्यूलर जेनेटिक लैब नहीं है।