• Hindi News
  • डिमांड है ‘खामोश’ की, वे कह रहे मोदी मोदी...

डिमांड है ‘खामोश’ की, वे कह रहे- मोदी-मोदी...

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
अतुल उपाध्याय - पटना
चिरैयाटांड़ देवी स्थान के पास लोगों की भीड़ है। शाम के करीब सात बजे हैं। तभी हलचल बढ़ जाती है। फुसफुसाहट शुरू होती है- आ गए-आ गए। देखते ही देखते दुकान की सीढिय़ों से लेकर छत और बालकनी पर लोग उमड़ आते हैं। गेंदे की फूलमाला से लदी चमचमाती सफेद स्कॉर्पियो रुकती है। अगली सीट से चश्मा लगाए शत्रुघ्न सिन्हा उतरते हैं। और उतरते ही भीड़ से घिर जाते हैं। बगल में बेटा कुश है। तभी भीड़ में से डिमांड आती है, भैय्या... ए भैय्या... एक बार खामोश बोलिए न। हमरा वोट पक्का। शत्रु मुस्कुराते हैं। बात पलटते हुए कहते हैं- आप लोगों ने मुझे बहुत प्यार और सम्मान दिया है। पिछली बार मुझे जिता कर भेजा था। इस बार नरेन्दर भाई मोदी के लिए वोट करना है। दिल्ली की सरकार के लिए वोट देना है। फिर जोर का नारा-नरेन्दर मोदी जिन्दाबाद..। शत्रु भइया जिन्दाबाद।
शत्रुघ्न सिन्हा शाम को ऐसे ही कई सभाएं कर रहे हैं। दिन में पार्टी कार्यालयों में जाकर लोगों से मिलते हैं। हालांकि उनके चुनावी कैंपेन की आधी जिम्मेदारी उनकी पत्नी पूनम सिन्हा ने उठा रखी है। दिन भर उनकी अलग सभाएं होती हैं। उनके साथ बेटा लव होता है। यह पहला चुनाव है जब शत्रुघ्न सिन्हा के नाम के आगे और पीछे नरेन्दर मोदी जिन्दाबाद के नारे लग रहे हैं। शत्रुघ्न सिन्हा के साथ दिनभर घूमने वाले ब्रजेश रमण कहते हैं कि पिछले चुनाव से बेहतर स्थिति है। युवाओं में उत्साह है।
बिहार की 40 लोकसभा सीटों में इस सीट की पहचान स्टार छवि वाले प्रत्याशियों को लेकर रही है। चर्चा तो यह भी थी कि मोदी यहां से लड़ सकते हैं लेकिन बनारस चले गए। भाजपा के शॉटगन बिहारी बाबू शत्रुघ्न सिन्हा यहां से सांसद हैं। एक बार पार्टी ने फिर उन्हें मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने बिहारी बाबू के मुकाबले भोजपुरी फिल्मों के सुपर स्टार कुणाल सिंह को उतारा है। दोनों लोकल हैं। ठेठ बिहारी वाली छवि वाले। पिछली बार बिहारी बाबू के मुकाबले कांग्रेस ने शेखर सुमन को मैदान में उतारा था। शेखर भी लोकल ही थे। इस सीट पर भाजपा के दबदबे ने शेखर को खामोश कर दिया। इस बार दो कलाकारों के मुकाबले में जदयू की ओर से पटना के जाने-माने चिकित्सक डॉ. गोपाल प्रसाद सिन्हा मैदान में हैं। केजरीवाल की आम आदमी पार्टी से परवीन अमानुल्लाह झाड़ू ((चुनाव चिह्न)) लेकर मैदान में हैं। परवीन हाल तक नीतीश सरकार में मंत्री थीं। खास बात यह है कि शत्रुघ्न की स्टार छवि का साइड इफेक्ट भी यहां के वोटर महसूस करते रहे हैं। यानी ‘कभी-कभी’ दिखने वाली। लेकिन उन्हें आत्मविश्वास है कि मोदी-फैक्टर के कारण वे मजबूत हैं। इस आत्मविश्वास की दूसरी वजह है, बाकी विरोधियों का नौसिखिया होना।




आप लोगों ने मुझे बहुत प्यार और सम्मान दिया है। पिछली बार मुझे जिता कर भेजा था। इस बार नरेन्दर भाई मोदी के लिए वोट करना है। दिल्ली की सरकार के लिए वोट देना है।