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सोनोग्राफी सेंटर खोलने के पहले जांची जाएगी डॉक्टर की डिग्री

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज. पटना

अल्ट्रा सोनोग्राफी सेंटर खोलने के लिए नई गाइडलाइन बनाई गई है। इसे लागू भी कर दिया गया है। इसके अनुसार, मशीन खरीदने के पहले जिला सिविल सर्जन से अनुमति लेनी होगी। आवेदन करने पर विभाग की टीम जगह का मुआयना करेगी। डॉक्टर की डिग्री की जांच करेगी। फिर एडहॉक रजिस्ट्रेशन होगा। अनुमति वैसी महिला डॉक्टर को मिलेगी, जिन्होंने पीजी किया है या रेडियोलॉजिस्ट जिनके पास एमडी या एमएस की डिग्री की हो। पटना जिले सिविल सर्जन डॉ. केके मिश्रा के मुताबिक, अभी तक चार लोगों ने आवेदन किया था। गाइडलाइन पूरी नहीं होने पर तीन आवेदन रद्द कर दिए गए। चौथे आवेदक ने अभी कागजात नहीं दिखाए हैं।



धावा बोल टीम बनी

सोनोग्राफी सेंटरों पर नजर रखने के लिए धावा बोल दल का गठन किया गया है। किसी की शिकायत पर भी टीम धावा बोलती है। सिविल सर्जन कार्यालय भ्रूण हत्या पर रोक लगाने के लिए जागरुकता अभियान चलाएगा।

पुराना नियम

यदि कोई एमबीबीएस डिग्रीधारी छह महीने तक किसी संस्थान में प्रशिक्षण का प्रमाण पत्र देता था उसे रजिस्टर्ड कर लिया जाता था। पर इस वर्ष से ऐसा नहीं चलेगा।



पटना जिले में करीब तीन सौ से अधिक रजिस्टर्ड सोनोग्राफी सेंटर हैं। इनके लिए क्या करना है, उस पर अभी निर्णय नहीं लिया गया है। पुराने सेंटरों के लिए अभी तक नई गाइडलाइन नहीं आई है। डॉ. मिश्रा के मुताबिक यदि कोई पुरानी सोनोग्राफी मशीन बेचता है तो उसे भी सिविल सर्जन कार्यालय से अनुमति लेनी होगी।

३०० रजिस्टर्ड सोनोग्राफी सेंटर





नई गाइडलाइन बनी, इस साल से लागू