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सीवरेज प्रोजेक्ट की प्रोग्रेस स्लो रोज सिर्फ २०० मीटर खुदाई

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - बिलासपुर
शहर में ३०० करोड़ रुपए की लागत वाले अंडर ग्राउंड सीवरेज प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन कर रही सिंप्लेक्स कंपनी के काम की रफ्तार काफी धीमी है। नगर विधायक व स्वास्थ्य मंत्री अमर अग्रवाल के आदेश के बाद भी कंपनी के अधिकारियों ने अपना ढर्रा नहीं बदला और खुदाई के लिए ४० के बजाय सिर्फ २६ टीमें ही लगाई। काम की रफ्तार देखकर लगता है कि बारिश से पहले खुदाई का टारगेट पूरा नहीं होगा। इसमें जितना अधिक वक्त लगेगा, लोगों की परेशानियां उतनी ही लंबी होती जाएंगी।
नगर विधायक ने 15 जनवरी की समीक्षा बैठक में सिंप्लेक्स कंपनी को पुराने ढर्रे को बदलकर काम में तेजी लाने के लिए 40 टीमें लगाने कहा था। बैठक के दिन शहर में 26 टीमें काम कर रही थीं और एक सप्ताह बाद २२ जनवरी को भी २६ टीमें ही काम कर रहीं हैं। शहर में सीवरेज के लिए 60 किलोमीटर खुदाई की जानी है। इसके लिए हर महीने 10 किलोमीटर की गति से खुदाई की गई तो 30 जून तक यह काम पूरा हो सकता है। सिंप्लेक्स कंपनी ने हफ्ते भर से शहर में 26 स्थानों पर खुदाई के लिए २६ टीमें लगा रखी है। शेष पेज - १७


खुद कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर उत्तम कुमार के मुताबिक रोज औसतन 200-250 मीटर खुदाई की जा रही है। इस हिसाब से औसतन प्रति महीने 6 किलोमीटर खुदाई संभव होगी। उन्होंने दावा किया कि टारगेट के विरुद्ध अब तक 5 किलोमीटर खुदाई हो चुकी है। सवाल यह है कि जब तक टीमें नहीं बढ़ाई जाएंगी प्रोग्रेस हासिल नहीं होगी। खुदाई लेट होने का अर्थ है कि पाइप डालने से लेकर मेन होल तथा प्रापर्टी चैंबर सहित सारे काम के लिए और अधिक वक्त लगेगा।




फिर एक्सटेंशन

सीवरेज परियोजना का काम वर्क आर्डर के मुताबिक अक्टूबर 2010 में पूरा हो जाना था,परंतु योजना की कछुआ चाल के चलते उसे राज्य शासन ने एक के बाद एक लगातार 3 वर्षों तक एक्सटेंशन दिया। नए आदेश के मुताबिक ठेकेदारों को योजना पूरी करने के लिए दिसंबर 2014 तक का अंतिम समय दिया गया है।

ये काम होंगे

अरपा पार जोन 2 की सीवरेज परियोजना पूरी होने के बाद हाउस कनेक्शन का काम बाकी है। तोरवा व शांति नगर में पंपिंग स्टेशन का निर्माण अधूरा है। देवरीखुर्द में तीसरे पंपिंग स्टेशन के लिए जमीन का आवंटन विवादों में है। 55 से 60 किलोमीटर पाइप लाइन विस्तार का काम भी बाकी है। हाउस कनेक्शन, प्रापर्टी चैंबर, मेन होल के काम भी पूरे नहीं हुए।।



सीवरेज प्रोजेक्ट के लिए नेहरू चौक के पास खुदाई की जा रही है। धीमे काम से लोगों की परेशानी बढ़ गई है।

सिंप्लेक्स ने मंत्री का आदेश भी नहीं माना, हर महीने खुदाई करनी है 10 किलोमीटर

सुरक्षा की अनदेखी

खुदाई से पूर्व सिंप्लेक्स कंपनी को सुरक्षा के लिहाज से बेरिकेटिंग कराने, पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने, मजदूरों को हेलमेट पहनकर काम करने, खुदाई के बाद पाइप डालने तथा रेत फिलिंग, वाटरिंग, रोलिंग कर उचित कांपेक्शन के साथ सड़कों को आवागमन के लायक बनाने कहा गया है। खुदाई के दौरान पानी की पाइप लाइन, केबल आदि की सुरक्षा का भी ध्यान रखने कहा गया है। लेकिन इनका पालन नहीं हो रहा है।



नोटिस, क्रेक पाइप लगाया तो पेनाल्टी

सीवरेज परियोजना के कार्यों की मानिटरिंग कर रहे सीवरेज सेल के प्रभारी पीके पंचायती ने सिंप्लेक्स कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर को काम में सुधार लाने के नाम पर नोटिस भेजने की खानापूर्ति कर ली है। कंपनी को उचित तरीके से योजना का काम आगे बढ़ाने के लिए अब फील्ड पर नियमित मानिटरिंग की जरूरत है, परंतु अभी तक सीवरेज सेल सिर्फ नोटिस दे रहा है। बहरहाल नोटिस में क्रेक या क्षतिग्रस्त पाइप डालने पर उसे उखड़वाकर पेनाल्टी लगाने की चेतावनी दी गई है।



शासन की डेड लाइन दिसंबर तक

वर्क आर्डर के मुताबिक सीवरेज प्रोजेक्ट वर्ष 2010 में ही पूरा हो जाना था, परंतु काम की ढीली रफ्तार तथा विभिन्न कारणों से पूरा प्रोजेक्ट 3 साल पीछे चल रहा है। चूंकि केंद्र सरकार ने योजना के लिए वित्तीय स्वीकृति दी है, इसलिए केंद्र सरकार के रिमांइडर के जवाब में शासन ने योजना को दिसंबर 2014 तक पूरा करने की डेड लाइन तय कर इसकी जानकारी केंद्र सरकार को भेजी है। योजना की मौजूदा प्रोग्रेस से लगता है कि इसे डेड लाइन पर पूरा कराना टेढ़ी खीर होगी।



सिंप्लेक्स को लगानी थी 40 टीमें, हफ्ते भर से काम कर रहीं 26 टीमें



ट्रीटमेंट प्लांट

किमी पाइप लाइन

पंपिंग स्टेशन

करोड़ लागत