निगम कर्मचारियों का केजरीवाल को ज्ञापन
बिलासपुर - दिल्ली सरकार के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भले ही अपने राज्य की समस्याओं से पार पाने के लिए हर दिन जूझ रहे हैं,परंतु नगर निगम की समस्याओं के लिए कर्मचारी संघ की निगाहें उन्हें आशा भरी नजरों से देख रही हैं। नगर निगम समस्त कर्मचारी संघ ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के अंतर्गत शहर की सफाई ठेके का विरोध करते निगम के सफाई कर्मचारियों से उक्त कार्य कराने की मांग केजरीवाल से की है। एक राज्य का मुख्यमंत्री दूसरे राज्य की समस्या पर हस्तक्षेप कैसे करेगा? यह अलग बात है,पर संघ की मांग से लगता है कि केजरीवाल के प्रति लोगों की अपेक्षाएं जरूर बढ़ती नजर आ रही हैं।
कर्मचारी संघ ने अपनी मांगों का ज्ञापन राज्यपाल से लेकर नगरीय प्रशासन मंत्री, सचिव,मेयर और कमिश्नर तक को भेजा है,परंतु केजरीवाल को ज्ञापन भेजने के साथ संघ के नेताओं ने इस बात के प्रति खुशी जाहिर की कि ‘आप’ पार्टी ने झाड़ू को अपना चिन्ह बनाकर उनका सम्मान बढ़ाया है। कर्मचारी संघ के कार्यकारी अध्यक्ष धरमलाल यादव एवं महामंत्री काशीप्रसाद करोसिया ने एक प्रेस विज्ञप्ति में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के अंतर्गत सफाई का कार्य कराने के लिए निजी कंपनी को ठेका देने के फैसले को विधि विरुद्ध निरुपित करते इसका विरोध किया है। संघ ने इस मामले में हाईकोर्ट में दायर याचिका के हवाले से बताया कि प्रकरण में सुनवाई के दौरान कमिश्नर ने 1 अगस्त 2013 को निगम में सफाई कर्मियों की नियुक्ति करने शपथपत्र दिया है। इसके विपरीत निगम प्रशासन द्वारा अब सफाई का काम ठेके पर देना विधि विपरीत है।कर्मचारी नेताओं ने कहा है कि वर्ष 2007-8 में निगम के सेट अप के मुताबिक सफाई कर्मियों के 700 पदों का प्रावधान किया गया था। इसके मुताबिक सफाई कर्मियों के 300 पद रिक्त हैं। संघ की मांग है कि नगर निगम प्रशासन रिक्त पदों पर नियुक्ति कर सफाई का कार्य विभागीय तौर पर कराए।
इससे कर्मचारियों के हित सुरक्षित रहेंगे और ठेके के नाम पर भ्रष्टाचार भी नहीं होगा।