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मुद्दा और पार्टी एक पर मांग अलग-अलग

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - बिलासपुर
कांग्रेस पार्टी के नेताओं में एक बार फिर बिखराव और फूट नजर आ रहा है। कानन पेंडारी में मादा चीतलों की मौत के मामले में उनके द्वारा शासन से अलग-अलग मांग रखी जा रही है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सहित जिला शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष व ग्रामीण अध्यक्ष द्वारा मामले की जांच हाई पावर कमेटी से करने की मांग की गई है जबकि बुधवार को कांग्रेस कमेटी सचिव विवेक वाजपेयी ने कलेक्टर से मामला पुलिस को सौंपने की मांग रखी। वहीं पीसीसी अध्यक्ष के राज्यपाल के नाम कलेक्टर को ज्ञापन के बाद पीसीसी सचिव के पत्र को प्रोटोकाल के उल्लंघन से जोड़कर देखा जा रहा है। कानन पेंडारी में 21 मादा चीतलों की मौत से लोकसभा चुनाव के पहले कांग्रेस पार्टी को भाजपा को कटघरे में लाने के लिए बड़ा मुद्दा मिल गया है। चूंकि वन मंत्रालय डा. रमन सिंह के पास है इसलिए कांग्रेस नेताओं के पास सीएम पर सीधा वार करने का मौका भी है। पर नेताओं में आपसी सामंजस्य और एकता के अभाव होने के कारण लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी द्वारा इसे बड़े मुद्दे के रूप में भुना पाने में संदेह है।




कांग्रेस कमेटी ने मामला

पुलिस को सौंपने कहा

बुधवार को छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी सचिव विवेक बाजपेयी, तखतपुर से कांग्रेस प्रत्याशी रहे आशीष सिंह ठाकुर की पत्नी रश्मि सिंह, रवि ठाकुर, गोपाल दुबे, सुमीत दुआ आदि कलेक्टर से मिलकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में घटना की जांच का जिम्मा तुरंत पुलिस विभाग को सौंपने की मांग करते हुए वन विभाग के अधिकारियों पर जुर्म दर्ज करने कहा गया है। ज्ञापन में अधिकारियों पर जनता को गुमराह करने, एंथ्रेक्स से मौत बताकर अफवाह फैलाने व घबराहट पैदा करने, मौत की असली वजह को छिपाने, बगैर पोस्टमार्टम दफनाने का आरोप लगाया। छत्तीसगढ़ कांग्रेस पार्टी ने कलेक्टर से मृतक हिरणों के शव का तुरंत पोस्टमार्टम कराने की मांग की है ताकि समय रहते उनकी मौत के कारणों का खुलासा हो सके। ज्ञापन में हिरणों की मौत बताई गई है जबकि चीतलों की मौत हुई है। वहीं इनकी संख्या 21 बताई गई है जबकि पीसीसी के ज्ञापन में 22 चीतलों की मौत का उल्लेख है।

पीसीसी ने की हाईपावर

कमेटी से जांच की मांग

घटना के सामने आने के बाद जिला शहर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने वनमंडलाधिकारी कार्यालय का घेराव कर मुख्यमंत्री का पुतला जलाया। इस मुद्दे को लेकर ही 20 जनवरी को पीसीसी अध्यक्ष भूपेश बघेल शहर आए और कानन पेंडारी के निरीक्षण में गए। उसी दिन कलेक्टर को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच हाई पावर कमेटी से करने की मांग की गई। ज्ञापन में चीतलों की मौत के लिए वन विभाग की अपराधिक लापरवाही, कानन पेंडारी में रात में पार्टी होने, पटाखा जलाने और वन विभाग के भ्रष्टाचार को जिम्मेदार ठहराया गया। ज्ञापन में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के अलावा डीएफओ हेमंत पांडेय को तत्काल निलंबित कर रायपुर अटैच करने की मांग की गई।



चीतलों की मौत के मामले में प्रदेश कांग्रेस सचिव विवेक वाजपेयी ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

लोकसभा चुनाव के पहले दिखा कांग्रेस पार्टी में बिखराव



पीसीसी अध्यक्ष के पत्र के बाद कांग्रेस कमेटी के सचिव का ज्ञापन