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सेंट्रल यूनिवर्सिटी के कुलपति ने 2 साल 3 माह में शुरू की थी पढ़ाई

8 वर्ष पहले
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बिलासपुर। गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के कुलपति डा. लक्ष्मण चतुर्वेदी ने महज 2 साल 3 माह की उम्र में स्कूल में पढ़ाई शुरू कर दी थी और 12 साल में हाईस्कूल की परीक्षा पास कर ली थी। हाईकोर्ट में उनकी ओर से पेश किए गए हाईस्कूल के सर्टिफिकेट पर अधिकार प्रेच्छा याचिका लगाने वाले याचिकाकर्ता ने आपत्ति दर्ज कराते हुए दाखिल-खारिज रजिस्टर सहित अन्य ओरिजनल सर्टिफिकेट प्रस्तुत करने की मांग की है। याचिकाकर्ता की आपत्ति पर कुलपति को जवाब पेश करने का समय दिया गया है।

सेंट्रल यूनिवर्सिटी के कुलपति डा. लक्ष्मण चतुर्वेदी ने वाराणसी के सनातन धर्म स्कूल में महज 2 साल 3 माह की उम्र में पहली कक्षा में एडमिशन ले लिया था। उनकी ओर से हाईकोर्ट में पेश किए उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल के सर्टिफिकेट के अनुसार उनकी जन्म तारीख 7 अप्रैल 1944 है। उन्होंने 1956-57 सत्र में हाईस्कूल की परीक्षा दी थी। उनके खिलाफ अधिकार प्रेच्छा याचिका पेश करने वाली गोपा बागची के वकील मतीन सिद्दिकी ने इस पर आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा है कि पहली कक्षा में एडमिशन में न्यूनतम 5 वर्ष की आयु तय है। इतनी कम आयु में एडमिशन लेने के

बाद सिर्फ 12 साल की उम्र में हाईस्कूल परीक्षा

पास करने पर याचिकाकर्ता की ओर से आपत्ति दर्ज कराते हुए दाखिल-खारिज रजिस्टर, 10 वीं की जन्मतिथि लिखी हुई अंकसूची, जन्म प्रमाण पत्र पेश करने की मांग की गई है। मामले में अगली सुनवाई 3 फरवरी के सप्ताह में होगी।




ञ्चकुलपति के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका

क्या है मामला

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय से 22 जून 2012 को सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के पहले कुलपति डा. लक्ष्मण चतुर्वेदी की नियुक्ति, जन्म तारीख और नियुक्ति के पूर्व विजिलेंस क्लीयरेंस को लेकर जानकारी मांगी गई। डा. शाहिद अली के पत्र पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने 13 अगस्त 2012 को जानकारी दी कि विभाग में डा. चतुर्वेदी का जन्म प्रमाण पत्र नहीं है। जानकारी के आधार पर सेंट्रल यूनिवर्सिटी की पूर्व एचओडी गोपा बागची ने हाईकोर्ट में अधिकार प्रेच्छा याचिका लगाई है।



हाईकोर्ट ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी, कुलपति सहित केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। बार-बार समय देने के बाद भी मंत्रालय की ओर से जवाब पेश नहीं किया गया। याचिकाकर्ता ने इस पर आपत्ति दर्ज कराई। हाईकोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के जवाब देने का अधिकार खत्म कर दिया है।

एमएचआरडी का जवाब देने का अधिकार खत्म

ञ्चहाईकोर्ट में हाईस्कूल का सर्टिफिकेट पेश किया ञ्चसनातन धर्म स्कूल वाराणसी में की थी पढ़ाई ञ्चआपत्ति कर मांगा गया ओरिजनल दस्तावेज