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मिलर को नोटिस, मुश्किल में सोसायटी मैनेजर

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - बिलासपुर
मोटा के नाम पर सरना धान की ट्रांसपोर्टिंग करने के मामले में कलेक्टर ने राइस मिलर को नोटिस भेजा है, वहीं नेवरा सोसायटी के प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई के लिए सहकारिता विभाग के उप पंजीयक को पत्र भेजा गया है। मिलीभगत कर सरना धान खपाना मिलर और सोसायटी प्रबंधक को भारी पड़ गया है।
15 जनवरी को नेवरा सोसायटी से ओम ऑयल एंड राइस मिल द्वारा मोटा धान के डिलीवरी आर्डर((डीओ)) पर एक ट्रक सरना धान का उठाव करने का मामला सामने आया है। सहकारिता विभाग के उप पंजीयक उमेश तिवारी ने छापेमारी कर भरनी के पास एक ट्रक ((क्र.सीजी 10 सी 0410)) और 220 क्विंटल सरना धान जब्त किया। जांच व पूछताछ में पता चला कि मिलर को मोटा धान का उठाव करने का आर्डर जारी किया गया था लेकिन ट्रक में रखा धान सरना था। डीओ और मौके पर मिले धान को देखकर धान उपार्जन नीति में अनियमितता का प्रकरण दर्ज कर रिपोर्ट खाद्य विभाग के फूड कंट्रोलर को आगामी कार्यवाही के लिए भेजी गई। खाद्य विभाग ने रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी है। इस पर कलेक्टर ने ओम ऑयल एंड राइस मिल के संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अब यह मामला जिला दंडाधिकारी कोर्ट में चलेगा। वहीं नेवरा सोसायटी के प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई के लिए सहकारिता विभाग के उप पंजीयक को पत्र भेजा गया है। दरअसल नियमानुसार कार्रवाई का अधिकार उप पंजीयक का होता है इसलिए खाद्य विभाग ने यह पत्र लिखा है। गौरतलब है कि मोटा धान की बजाय सरना की मिलिंग करने पर चावल की अच्छी क्वालिटी मिलती है। इसलिए सरना धान मिलरों की पहली पसंद होती है। यह मोटा की कीमत पर उपलब्ध हो जाता है। इस वजह से मिलर सोसायटी प्रबंधक और अधिकारियों से मिलीभगत कर मोटा के डीओ में सरना का उठाव करते हैं। चूंकि मामला सहकारिता विभाग के पास है इसलिए सोसायटी प्रबंधक की मुश्किलें बढ़ सकती है।




खबर छपने के बाद कार्रवाई

खबर छपने के बाद कार्रवाई ने अधिकारियों की पोल खोल दी है। इस धंधे में खाद्य विभाग के अधिकारियों की भी मिलीभगत रहती है तभी तो पहले इस मामले को दबाने की भरपूर कोशिश हुई लेकिन जब कामयाबी नहीं मिली तो मामले से कलेक्टर को अवगत कराया गया। सहकारिता विभाग की कार्यवाही से मामला खुल गया। यदि छापेमारी खुद विभाग ने की होती तो लेनदेन कर मामला सुलझा लिया जाता। मामला पकड़े जाने के बाद भी मिलर और सोसायटी प्रबंधक को नोटिस नहीं भेजा गया था लेकिन दैनिक भास्कर में खबर छपने के बाद मजबूरी में कार्यवाही करनी पड़ी।

भरनी के पास जब्त हुआ था 220 क्विंटल

जिला दंडाधिकारी कोर्ट पहुंचा मामला

मोटा के नाम सरना धान ले जा रहा था मिलर

सहकारिता उप पंजीयक ने की थी छापेमारी