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अलौकिक कीर्तन दरबार सजा, उमड़ी साध संगत

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - बिलासपुर
समूह साध-संगत, गुरु सिंह सभा दयालबंद व पंजाबी युवा समिति द्वारा शुक्रवार से गुरुद्वारा दयालबंद परिसर में अलौकिक कीर्तन दरबार शुरू हुआ। इस मौके पर बाहर से आए रागी जत्थों ने शबद-कीर्तन कर संगत को निहाल किया।
अलौकिक कीर्तन दरबार में शामिल होने सुबह से ही दयालबंद गुरुद्वारा में भीड़ उमड़ी। तीन दिवसीय कीर्तन दरबार में श्रीनगर, उन्ना, अमृतसर, जालंधर से रागी जत्थों को आमंत्रित किया गया है। इनके सानिध्य में कार्यक्रम की शुरुआत सुबह उन्ना साहेब से आमंत्रित संत अनूप सिंह ने नाम सिमरन से किया। इसी क्रम में भाई सरबजीत सिंह ने आसा दी वार का संपूर्ण कीर्तन कर संगत को गुरु महिमा में विभोर कर दिया। शाम 7 से रात 11 बजे तक कीर्तन दरबार सजा और शबद-कीर्तन सुन साध-संगत निहाल होती रही। शनिवार को भी सुबह-शाम कीर्तन दरबार सजेगा। अंतिम दिन रविवार को अमृत समागम होगा। इसमें पंज प्यारों द्वारा अमृत पान कराया जाएगा। कीर्तन दरबार में शहर सहित आसपास क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल थे। आयोजन में दयालबंद गुरुद्वारा के प्रधान मंगत सिंह चावला, पंजाबी युवा समिति के अध्यक्ष चरणजीत सिंह गंभीर, उपाध्यक्ष बलविंदर सिंह सलूजा, सचिव हरदीप सिंह सलूजा, कोषाध्यक्ष दिलबाग सिंह छाबड़ा, महेंद्र सिंह गंभीर, अमरजीत सिंह दुआ, परमजीत सिंह सलूजा, नरेंद्र पाल गांधी, गुरदीप सिंह अजमानी, सुरेंद्र सिंह छाबड़ा, भूपेंद्र सिंह गांधी, राजविंदर सिंह गंभीर, बलजीत सिंह गंभीर, महेंद्र सिंह छाबड़ा, कमलदीप सिंह अरोरा, अमरजीत सिंह टुटेजा, परमजीत सिंह उपवेजा, इंदरजीत सिंह इच्छपुरानी, जसपाल सिंह छाबड़ा, कुलवंत सिंह सलूजा, जतिन पाल सिंह टुटेजा सहित सदस्य जुटे हैं।



ञ्चगुरु सिंह सभा दयालबंद व पंजाबी युवा समिति का संयुक्त आयोजन