कोटवारी जमीन को बेचा जनहित याचिका
भास्कर न्यूज - बिलासपुर
कोटवारी जमीन के लिए स्थायी पट्टा जारी करने के बाद उसे बेच दिया गया। जमीन को खरीदने वाले ने बाकायदा उसका डायवर्सन करा लिया। शिकायत के बाद कलेक्टर ने जांच कराई और तहसीलदार को जिम्मेदार पाते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा से की। राजस्व सचिव से अनुशंसा के 3 साल बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर हाईकोर्ट में जनहित याचिका लगाई गई।
रायगढ़ जिले के तहत ग्राम पंडरीपानी में कोटवारी के लिए जमीन सुरक्षित थी। छत्तीसगढ़ भू राजस्व संहिता के नियमों के अनुसार कोटवारी जमीन अहस्तांतरणीय होती है। नियमों का उल्लंघन करते हुए तहसीलदार ने कोटवार की पत्नी के नाम पर इस जमीन का स्थायी पट्टा जारी कर दिया। कोटवार की पत्नी ने जमीन को बेच दिया। खरीदार ने जमीन का डायवर्सन करा लिया। इस बात की शिकायत रायगढ़ निवासी अजय कुमार जायसवाल ने कलेक्टर से की। कलेक्टर ने मामले की जांच कराई और तहसीलदार को गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार पाया। कलेक्टर ने 2010 में राजस्व सचिव को पत्र लिखकर तहसीलदार पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की। तीन सालों के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर जायसवाल ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई। हाईकोर्ट ने मामले के निराकरण के निर्देश राजस्व सचिव को दिए हैं।