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महामारी नियंत्रण के लिए सिम्स में होगी 10 जिलों की जांच

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज. बिलासपुर

पल्स कायनेटिक एनॉलाइजर की प्रायोगिक मंजूरी, तिवरा दाल और रोटा वायरस पर रिसर्च के साथ ही अब सिम्स में आईडीएसपी के तहत माइक्रोबायलोजी विभाग को स्टेट रेफरल लैब बनाने की तैयारी की जा रही है। महामारी नियंत्रण के लिए अब यहां 10 जिलों के सैम्पल जांचे जाएंगे। इसके लिए माइक्रो बॉयलोजी लैब को अपग्रेड किया जा रहा है।

2 सालों के भीतर सिम्स में एकेडमिक गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं। सिम्स को राष्ट्रीय स्तर पर रिसर्च व अन्य जिम्मेदारियों के लिए चुना जा रहा है। हाल में ही पल्स कायनेटिक एनॉलाइजर के प्रयोग के लिए देश के चुनिंदा चिकित्सा संस्थानों के साथ सिम्स को चुना गया। इसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर तिवरा दाल पर रिसर्च के लिए प्रदेश के सिम्स मेडिकल कॉलेज को चुना गया। यही नहीं रोटा वायरस पर रिसर्च और निगरानी के लिए भी इंडियन कौंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च द्वारा सिम्स का चयन करते हुए पीएसएम विभाग को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई। इन सबके साथ अब सिम्स के माइक्रो बॉयलोजी विभाग को इंटिग्रेटेड डिसीज सर्विलेंस ((आईडीएसपी)) योजना के तहत स्टेट रेफरल लैब बनाया जा रहा है। इस योजना के तहत एपिडेमिक ((महामारी)) की आशंका या स्थिति पर सिम्स में 10 जिलों के सैम्पल जांच किए जाएंगे। ये सैम्पल संबंधित जिलों के सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से सिम्स भेजे जाएंगे। इस योजना के तहत सिम्स का चयन करते हुए माइक्रो बॉयलोजी विभाग के लैब को अपग्रेड करने की भी तैयारी है। यहां कई आधुनिक उपकरण व संसाधन जुटाए जाएंगे। इसके लिए प्रारंभिक तौर पर विभाग को 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है।



केंद्र व राज्य शासन का निर्णय

आईडीएसपी योजना को लेकर 23 जनवरी को रायपुर में केंद्र व राज्य शासन के उच्चाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें सिम्स माइक्रो बॉयलोजी विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. रमणेश मूर्ति ने फैकल्टी, उपकरण, स्थान व टेस्ट की उपलब्धता के बारे में जानकारी दी। इससे प्रभावित होकर अधिकारियों ने सिम्स को चुना। योजना के लिए प्रदेश के तीन मेडिकल कॉलेजों को चयन किया गया है। रायपुर के पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज व सिम्स को 10-10 जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही जगदलपुर के मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायलोजी विभाग को 7 जिलों का सेंट्रल लैब बनाया गया है।



माइक्रोबॉयलोजी विभाग बनेगी स्टेट रेफरल लैब, आईडीएसपी के तहत बनाया गया केंद