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ड्यूटी अवर बढ़ाया, रिजर्वेशन क्लर्क करेंगे विरोध
भास्कर न्यूज - बिलासपुर
रिजर्वेशन काउंटर को रात 10 बजे तक खुला रखने के मामले में रेल प्रशासन और इंक्वायरी कम रिजर्वेशन क्लर्क ((ईसीआरसी)) आमने-सामने हो गए हैं। रिजर्वेशन क्लर्क ड्यूटी अवर बढ़ाने का विरोध करेंगे। वे मजदूर कांग्रेस के बैनर तले 1 से 4 फरवरी तक काली पट्टी लगाकर काम करेंगे और 5 फरवरी को सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। इधर रेल प्रशासन ने भी स्पष्ट कर दिया है कि कर्मचारियों से उतना ही काम कराया जा रहा है, जितने की अनुमति रेलवे बोर्ड ने दी है। कर्मचारी पब्लिक सर्विस में बाधा डालेंगे तो कार्रवाई तय है।
रेल प्रशासन ने रिजर्वेशन की अवधि में वृद्धि की है। जोन के बिलासपुर, रायगढ़, रायपुर, इतवारी और गोंदिया रेलवे स्टेशन में रात 8 बजे के बजाय 10 बजे तक रिजर्वेशन की सुविधा मिल रही है। यह व्यवस्था पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 6 माह पहले शुरू हुई, जिसे रेल प्रशासन जोन के सभी बड़े स्टेशनों में शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इधर कर्मचारी इस व्यवस्था का विरोध करने लगे हैं। सभी ईआरसी ने मजदूर कांग्रेस के बैनर तले विरोध प्रदर्शन से लेकर उग्र आंदोलन की रणनीति बनाई है। आंदोलन के लिए उनका तर्क है कि उनसे 8 के बजाय 9 घंटे काम लिया जा रहा है। काउंटर खुलने के एक घंटे पहले प्रिपरेशन में लगता है तो एक घंटा ड्यूटी आफ होने के बाद कागजी कार्रवाई में। इसी वजह से पहले काउंटर पर 6 घंटे ड्यूटी तय की गई थी। अब रेल प्रशासन ने काउंटर पर ड्यूटी 7 घंटे कर दी है। इस हिसाब से कर्मचारियों को 9 घंटे काम करना पड़ रहा है। मजदूर कांग्रेस ने भी बयान जारी किया कि अगर व्यवस्था लागू होगी भी तो क्या सिर्फ एसईसीआर के लिए। रेलवे बोर्ड ने ड्यूटी आवर बढ़ाने की अनुमति दी है तो फिर दूसरे जोन में कर्मचारियों से किस आधार पर 6 घंटे काउंटर ड्यूटी ली जा रही है। मीडिया प्रभारी गोपी राव ने कहा कि कर्मचारियों के साथ हो रही ज्यादती के विरोध में रिजर्वेशन क्लर्क 1 से 4 फरवरी तक काली पट्टी लगाकर काम करेंगे। इसके बाद भी समस्या दूर न हुई तो 5 फरवरी से सभी क्लर्क सामूहिक अवकाश पर चले जाएंगे।
इस मामले में रेल प्रशासन ने भी स्पष्ट किया कि रेलवे बोर्ड की गाइड लाइन के अनुसार रिजर्वेशन क्लर्क से 8 घंटे ड्यूटी ली जा सकती है। रिजर्वेशन क्लर्क काउंटर पर 6 के बजाय 7 घंटे बैठ रहे हैं। इसके बाद भी एक घंटे का समय कागजी कार्रवाई के लिए शेष रह जाता है। सीपीआरओ आरके अग्रवाल ने कहा कि रेल प्रशासन नियमों के आधार पर काउंटर खोलने का समय तय कर रही है। कर्मचारियों के चलते पब्लिक सर्विस में बाधा पहुंचती है तो उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फैसला रेलवे का, परेशानी जनता की
रेल प्रशासन और रेलवे कर्मचारी के बीच छिड़े शीतयुद्ध का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ेगा। दरअसल रिजर्वेशन काउंटर का रात 10 बजे तक खुला रहना जनता के हित में है। कर्मचारियों की कमी है या फिर ड्यूटी अवर बढ़ाना रेलवे का आंतरिक मामला है। रिजर्वेशन क्लर्क और मजदूर कांग्रेस कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के बजाय ड्यूटी अवर कम करने की मांग कर रहे हैं। ड्यूटी अवर कम होने का सीधा मतलब रिजर्वेशन काउंटर को दो घंटे पहले बंद करना है। जाहिर है
कि कर्मचारी संगठन के दबाव से ऐसा हुआ तो नुकसान आम जनता का होगा।
रिजर्वेशन काउंटर पर करनी पड़ रही 7 घंटे की ड्यूटी,1 फरवरी से काली पट्टी लगाकर काम करेंगे कर्मचारी
बाधा पहुंची तो कार्रवाई: रेल प्रशासन