((लीड)) साइलेंट जोन में दो बार चक्काजाम
((फोटो))
- मस्तूरी इलाके के ग्रामीणों ने घेरा कलेक्टोरेट
- शराब दुकान हटाने व पचपेड़ी को ब्लाक बनाने की मांग
- साइलेंट जोन में घंटों चला हो-हंगामा, नारेबाजी
भास्कर न्यूज. बिलासपुर
कलेक्टोरेट के सामने एक घंटे के भीतर दो बार चक्काजाम हुआ। साइलेंट जोन घोषित इस क्षेत्र में मस्तूरी इलाके के ग्रामीणों ने जमकर शोर-शराबा किया। शराब दुकान हटाने और पचपेड़ी को ब्लाक बनाने की मांग को लेकर वे सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
कलेक्टोरेट में सोमवार को जनदर्शन की वजह से सुबह से ही ग्रामीणों की भीड़ थी। कलेक्टर अन्य अधिकारियों के साथ फरियादियों की समस्या सुनकर दोपहर में घर गए तभी बड़ी संख्या में मस्तूरी इलाके के ग्रामीणों ने कलेक्टोरेट का घेराव कर दिया। दो समूहों में पहुंचे ग्रामीणों में सबसे पहले जेवरा के ग्रामीण महिलाएं कलेक्टोरेट पहुंची। उन्होंने शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। वे कलेक्टोरेट के भीतर जाना चाहती थी लेकिन मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें जाने से रोक दिया। महिला कांस्टेबल ने उन्हें समझाने की कोशिश की तो नाराज महिलाओं ने कलेक्टोरेट का घेराव कर दिया। नारेबाजी करते हुए वे सड़क पर बैठ गईं। चक्काजाम के चलते आने-जाने वालों को परेशानी होने लगी। प्रशासन ने ग्रामीणों से बातचीत कर मामला सुलझाने की कोशिश शुरू की। बड़े अफसरों की गैर मौजूदगी में डिप्टी कलेक्टर एसआर कुर्रे ने ग्रामीणों को समस्या दूर करने का आश्वासन दिया। इसके बाद धरना खत्म हुआ।
शराब का ठेका दिया तो हड़ताल
जेवरा की महिलाओं ने प्रशासन से मांग की कि उनके गांव में शराब दुकान होने की वजह से उन्हें प्रताडि़त होना पड़ता है। बच्चों व महिलाओं का जीना मुश्किल हो गया है। उन्होंने शराब दुकान होने की वजह से आर्थिक व सामाजिक संकट पैदा होने की बात कहते हुए कहा कि अगर इस बार भी वहां दुकान का ठेका किसी को दिया जाता है तो 1 अप्रैल 2014 से बेमियादी हड़ताल की जाएगी। इससे होने वाले नुकसान की जवाबदारी प्रशासन की होगी। सरपंच जवाहरलाल मरावी के मुताबिक यह फैसला ग्रामसभा में लिया गया है।
हरदीकला से भी हटे दुकान
हरदीकला टोना की महिलाएं एक बार फिर शराब दुकान हटाने की मांग करने पहुंचीं। उन्होंने एडिशनल कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर गांधी जयंती, स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर भी खुलेआम शराब बिक्री होने की शिकायत की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण व महिला समूह ने 5 अक्टूबर को कलेक्टर व सिरगिट्टी थाना में ज्ञापन सौंपा था। आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। गांव के लिए देसी शराब दुकान की नीलामी न की जाए, न ही दोबारा दुकान खोली जाए। अगर ऐसा हुआ तो उग्र आंदोलन होगा।
जाम खत्म होते ही पहुंची पचपेड़ी की भीड़
जेवरा के ग्रामीणों का जाम खत्म ही हुआ था कि कुछ ही देर में पचपेड़ी को ब्लाक बनाने की मांग लेकर वहां के ग्रामीण आ धमके। उन्होंने जमकर नारेबाजी की। उनका कहना था कि चुनाव के पहले मुख्यमंत्री ने हैट्रिक बनाने पर पचपेड़ी को ब्लाक बनाने का वादा किया था, लेकिन जीतने के बाद वे भूल गए। सर्वदलीय क्षेत्रीय विकास मंच के बैनर से पहुंचे ग्रामीणों ने कहा कि मस्तूरी इलाके की 39 ग्राम पंचायतों द्वारा वर्षों से यह मांग उठाई जा रही है। इन पंचायतों के 67 गांवों में करीब एक लाख लोग रहते हैं। मस्तूरी जनपद से ब्लाक पुनर्गठन आयोग को इस बारे में प्रस्ताव भेजा गया था लेकिन विचार नहीं किया गया। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों के सड़क पर धरने पर बैठने से करने से एक बार फिर ट्रैफिक जाम हो गया। मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया व अन्य कांग्रेसियों ने ग्रामीणों की समस्या को दूर करने की मांग करते हुए डिप्टी कलेक्टर कुर्रे को ज्ञापन सौंपा। कुर्रे ने उनकी मांग आला अफसरों तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया तब आंदोलन खत्म हुआ। इस दौरान ग्रामीणों के अलावा जिला शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रविंद्र सिंह, अटल श्रीवास्तव, शहजादी कुरैशी, अभयनारायण राय व अन्य कांग्रेसी मौजूद थे।