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जूनी लाइन के आधा दर्जन डायग्नोसिस सेंटरों की जांच

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - बिलासपुर
नर्सिंग होम एक्ट के तहत मापदंडों पर परखने के लिए क्लीनिक, हास्पिटलों व डायग्नोसिस सेंटरों का इंस्पेक्शन शुरू हो गया है। सोमवार को 2 टीमों ने जूनी लाइन व सिम्स के आसपास डायग्नोसिस सेंटरों की जांच की। यह टीम 3 दिन के भीतर 20 डायग्नोसिस सेंटरों की जांच कर अपनी रिपोर्ट जिला समिति को देगी। समिति की अनुशंसा पर संबंधित उन संस्थानों को स्थायी रजिस्ट्रेशन दिया जाएगा जो एक्ट के तहत मापदंडों पर खरे उतरेंगे।
नर्सिंग होम एक्ट के तहत डॉक्टरों व हास्पिटलों की ओर से रजिस्ट्रेशन के लिए मिले आवेदनों पर कार्रवाई शुरू हो गई है। सोमवार को 2 टीमें हास्पिटलों व क्लीनिकों की जांच के लिए निकली। टीम ने जूनी लाइन व सिम्स के आसपास आधा दर्जन डायग्नोसिस सेंटरों ((पैथोलैब, सोनोग्राफी व एक्स-रे)) की जांच की। जांच टीम को 3 दिन के भीतर 20 संस्थानों के इंस्पेक्शन की जिम्मेदारी दी गई है। यह टीम एक्ट के तहत निर्धारित मापदंडों पर हास्पिटलों की जांच-परख करते हुए अपनी रिपोर्ट जिला समिति को देगी। जिला समिति अपनी अनुशंसा के साथ रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपेगी। इस प्रक्रिया के तहत ऐसे हास्पिटलों व क्लीनिकों को स्थायी रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्रा दिया जाएगा जो नर्सिंग होम एक्ट के तहत मापदंडों पर खरे उतरेंगे। जो चिकित्सा संस्थान मापदंडों के अनुरूप नहीं हैं, उनका संचालन बंद कराया जा सकता है। गौरतलब है कि विरोधों के बीच पास हुए एक्ट के प्रावधानों को लेकर डॉक्टरों में संशय की स्थिति है।
जिले के 392 चिकित्सा संस्थानों
का होना है इंस्पेक्शन
नर्सिंग होम एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन के लिए जिले के 422 डॉक्टरों व चिकित्सा संस्थानों ने आवेदन किया था। इनमें 30 के आवेदन पहले ही निरस्त किए जा चुके हैं। शेष 392 आवेदनों पर विचार करते हुए उन्हें अस्थायी रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र जारी किया जा चुका है। स्थायी रजिस्ट्रेशन देने से पहले अब उन संस्थानों का निरीक्षण किया जा रहा है।