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कॉमन एक्ट के लिए बन रहा है ड्राफ्ट

7 वर्ष पहले
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- कुलपतियों की कमेटी बना रही है ड्राफ्ट
- विधानसभा में पेश होने के बाद लागू होगा एक्ट
भास्कर न्यूज. बिलासपुर
राज्य की सभी यूनिवर्सिटी में एक ही अधिनियम ((कॉमन एक्ट)) लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके लिए गठित कुलपतियों की टीम अधिनियम का ड्राफ्ट तैयार कर रही है। ड्राफ्ट बनने के बाद इसे विधानसभा में पेश किया जाएगा, जहां से मंजूरी के बाद इसे सभी यूनिवर्सिटी में लागू कर दिया जाएगा।
राज्य की सभी यूनिवर्सिटी में कामन एक्ट लागू करने की तैयारी शुरू हो चुकी है। अभी सभी यूनिवर्सिटी का अपना एक अलग अधिनियम है, लेकिन आने वाले समय में सभी यूनिवर्सिटी के लिए एक ही अधिनियम होगा। फिलहाल यह व्यवस्था अन्य राज्यों में लागू है। राज्य में सभी यूनिवर्सिटी के लिए एक ही अधिनियम बनाने पर काम शुरू हो चुका है। यूनिफाइड अधिनियम नाम से फिलहाल इसका ड्राफ्ट कुलपतियों की टीम तैयार कर रही है। टीम में बिलासपुर यूनिवर्सिटी के कुलपति डा. गौरीदत्त शर्मा भी शामिल है। एक्ट के नफा-नुकसान के बारे में भी समीक्षा की जा रही है। अभी राज्य की सभी यूनिवर्सिटी का अपना अलग अधिनियम है। इस अधिनियम के अनुसार ही यूनिवर्सिटी का शैक्षणिक और अशैक्षणिक कार्य संचालित होते हैं। कोई भी अधिनियम उस यूनिवर्सिटी की आत्मा होती है। राज्य स्तर पर उच्च शिक्षा में किसी भी महत्वपूर्ण कार्य को लागू करने के लिए उस यूनिवर्सिटी के अधिनियम के अनुसार व्यवस्था देनी होती है। अधिनियम के अनुसार ही अकादमिक, शैक्षणिक, निर्माण व वित्तीय व्यवस्था तय होती है। यूजीसी के अधिनियम भी यूनिवर्सिटी के अधिनियम के तालमेल के बाद लागू होते हैं। राज्य में सभी यूनिवर्सिटी के लिए एकीकृत अधिनियम बनाने की प्रक्रिया काफी समय से चल रही है पर अब तक इसमें कुछ फाइनल नहीं हो पाया था। करीब सभी यूनिवर्सिटी के अधिनियम के अधिकांश तथ्य मिलते हैं। कुछ अलग होते है, जो अलग होते है उन अधिनियमों को ही समन्वय कर साझा अधिनियम बनाने की कोशिश चल रही है।
क्या है अधिनियम
केंद्र मं संसद या राज्य में विधानसभा के पारित विधान को अधिनियम कहते हैं। जब संसद या विधानसभा में किसी विषय को प्रस्तावित करते हैं तो उसे विधेयक या बिल कहते हैं। संसद या विधानसभा की सर्वसम्मति से पास होने के बाद उस बिल या विधेयक को अधिनियम का दर्जा मिल जाता है।
<ह्यश्चड्डठ्ठ ह्यह्ल4द्यद्ग="&ह्नह्वशह्ल;द्घशठ्ठह्ल-2द्गद्बद्दद्धह्ल:" ड्ढशद्यस्र;&ह्नह्वशह्ल;>नरसिम्हन ने शुरू कराई थी प्रक्रियास्
राज्य की सभी यूनिवर्सिटी के अलग-अलग अधिनियम होने के कारण कई महत्वपूर्ण कार्य को सभी यूनिवर्सिटी में लागू करने में कई बार व्यावहारिक दिक्कत आती है। अलग-अलग अधिनियम होने के कारण सभी यूनिवर्सिटी के अधिनियम का अध्ययन करना पड़ता है। उन अधिनियमों के अनुसार ही महत्वपूर्ण कार्य को यूनिवर्सिटी में लागू करने की रूपरेखा बनाई जाती है। इन दिक्कतों को दूर करने के लिए यह अवधारणा राज्य के पूर्व राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन के कार्यकाल के दौरान शुरू हुई। तब स्वयं राज्यपाल नरसिम्हन के निर्देश पर इस प्रक्रिया की शुरुआत हुई। बताया जा रहा है कि इसके लिए यूनिफाइड एक्ट बनाया जा चुका है। इस विषय पर कई दौर की बैठक हो चुकी है। पिछले दिनों राज्यपाल शेखर दत्त ने कुलपतियों की बैठक ली थी। इसमें एक्ट पर सभी कुलपतियों से अभिमत मांगा गया है।
अन्य राज्यों में पहले से लागू
सभी यूनिवर्सिटी में एक अधिनियम लागू करने की जो बात राज्य शासन लंबे समय से कर रही है वह महाराष्ट्र और उत्तरप्रदेश जैसे राज्य में पहले से लागू है। उस पैटर्न पर ही राज्य में एक अधिनियम लागू करने का खाका तैयार हो चुका है। अभी सभी यूनिवर्सिटी के कुलपति से अभिमत मांगा गया है।
एक्ट इनके लिए
१. शासकीय यूनिवर्सिटी
0 बस्तर यूनिवर्सिटी, जगदलपुर
0 स्वामी विवेकानंद टेक्निकल यूनिवर्सिटी, भिलाई
0 हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी सिविल लाइन, रायपुर
0 इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर
0 कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर
0 पं. रविशंकर शुक्ला यूनिवर्सिटी, रायपुर
0 पं. सुंदरलाल शर्मा ओपन यूनिवर्सिटी, बिलासपुर
0 सरगुजा यूनिवर्सिटी, अंबिकापुर
0 बिलासपुर यूनिवर्सिटी, बिलासपुर
0 कामधेनु यूनिवर्सिटी, राजनांदगांव
0 आयुष यूनिवर्सिटी, रायपुर
0 खैरागढ़ यूनिवर्सिटी, खैरागढ़
२. निजी यूनिवर्सिटी
0 मेट्स यूनिवर्सिटी, रायपुर
0 डा. सीवी रमन यूनिवर्सिटी कोटा
0 कलिंगा यूनिवर्सिटी
0 जिंदल यूनिवर्सिटी, रायगढ़
0 महर्षि टेक्निकल यूनिवर्सिटी