सेफ्टी पर ध्यान देकर भुगत रहे सजा
- तकनीकी खराबी के कारण ट्रेन रोकने पर भी हो रही कार्रवाई
- ट्रेन के गाड्र्स आक्रोश, प्रदर्शन की तैयारी
भास्कर न्यूज. बिलासपुर
लदान के लिए ज्यादा से ज्यादा ट्रेन चलाने के फेर में रेलवे अफसर संरक्षा ((सेफ्टी)) के नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। स्थिति यह है कि तकनीकी खराबी आने पर ट्रेन रोकने वाले गाड्र्स पर कार्रवाई के साथ ही दुव्र्यवहार किया जा रहा है। हाल ही में ऐसे दो मामले सामने आएं हैं, जिसमें ट्रेन गार्ड ने सतर्कता बरती लेकिन डिवीजन ऑपरेटिंग मैनेजर अर्जुन सिब्बल ने उन पर ट्रेन को बिना कारण के रोकने का आरोप लगा दिया। इतना ही नहीं, ट्रेन गार्ड को बुकअप कर चेंबर में बुलाकर डांट लगाई गई। इस मामले में रेल प्रशासन का रवैया अफसर की गलती पर पर्दा डालने वाला है, जबकि ट्रेन गार्ड अफसर के खिलाफ आंदोलन के लिए एकजुट हो रहे हैं और 7 जनवरी को उग्र आंदोलन की तैयारी में हैं।
0 पहला मामला
सजगता दिखाकर डांट खाई
16 जनवरी को ट्रेन नंबर एन/जीवीजी कोरबा से बिलासपुर के लिए दोपहर 2 बजे रवाना हुई। यह ट्रेन रात 9:10 बजे बिलासपुर पहुंची। गार्ड टीएल यादव ने देखा कि 6 वें नंबर की वैगन ((ईआर 10963 ए)) के व्हील एक्सल के तीन में से 2 बोल्ट निकल चुके हैं। गार्ड ने आरआरआई को सूचना दी। इसके अलावा आउट गोइंग गार्ड को भी चार्ज के साथ जानकारी दी। सीएनडब्ल्यू ने चेक किया तो बैगन को चलने अयोग्य पाया। इसके चलते वैगन को काटा गया। इस प्रक्रिया में ट्रेन 4 से 5 घंटे खड़ी रही। अफसर ने इस देरी के लिए गार्ड टीएल यादव को जिम्मेदार ठहराया और चेंबर में बुलाकर डांट लगाई।
0 दूसरा मामला
ब्रेक बाइंडिंग दुरुस्त करने में लगा वक्त
24 जनवरी को ट्रेन नंबर बीसीएन बिलासपुर दोपहर 2 बजे खोंगसरा पहुंची। शहडोल की ओर से आ रही ट्रेन में सीमेंट लोड था। गार्ड केएम सिंग को पिछले स्टेशन में सूचना दी गई थी कि एक वैगन का दरवाजा खुला है। गार्ड ने खोंगसरा स्टेशन को मेमो दिया। ट्रेन यहां आधे घंटे खड़ी रही। इसके बाद ट्रेन खोडरी पहुंची तो गार्ड ने ब्रेक बाइंडिंग की समस्या देखी। यह समस्या जल्द ही दूर हो गई। ट्रेन फिट थी, लेकिन इसे तकरीबन डेढ़ घंटे खोडरी में ही रोका गया। डीओएम अर्जुन सिब्बल ने आर्डर नंबर 18 से गार्ड को बुकअप किया। गार्ड बिलासपुर पहुंचते ही साहब से मिलने पहुंचा। यहां उसे देरी के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए भला-बुरा कहा गया। इस समय केबिन में मौजूद सूत्र की मानें तो डीओएम ने गार्ड को सेफ्टी इग्नोर करने की बात कही।
0 वर्सन
सेफ्टी की अनदेखी कतई नहीं
सेक्शन में किसी तरह की समस्या आने पर गुड्स गार्ड को फैसला लेने का अधिकार है। खोंगसरा के मामले में गार्ड पर कार्रवाई का कारण यह है कि उसने यहां ट्रेन खड़ी करने के बाद भी जांच नहीं की। ब्रेक बाइंडिंग के कारण अगले स्टेशन में ट्रेन फिर से रोकनी पड़ी। सेफ्टी की अनदेखी किसी भी शर्त में नहीं की जा सकती। रहा सवाल दुव्र्यवहार का तो इसकी जांच कराई जाएगी।
- आरके अग्रवाल, सीपीआरओ