आत्मसम्मान की भाषा है राष्ट्रभाषा हिंदी
भास्कर न्यूज - बिलासपुर
एनटीपीसी सीपत में उच्चाधिकारियों व राजभाषा समन्वय अधिकारियों के लिए तीन हिंदी कार्यशालाएं हुईं। अतिथि वक्ता यूनिवर्सिटी ऑफ टोक्यो के डिपार्टमेंट ऑफ फॉरेन स्टडीज में हिंदी के सेवानिवृत्त प्राध्यापक और केके बिड़ला फाउंडेशन नई दिल्ली के निदेशक डॉ. सुरेशचंद्र अग्रवाल ने सभी का मार्गदर्शन किया।
उद्घाटन समारोह में महाप्रबंधक प्रदीप कुमार उपाध्याय, अपर महाप्रबंधक अरविंद कुमार भारद्वाज सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। अपने व्याख्यान में डॉ. अग्रवाल ने विश्व परिदृश्य में हिंदी की स्थिति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हिंदी प्रेम व आत्मसम्मान की भाषा है। अपने विश्व भ्रमण का अनुभव बताते हुए उन्होंने कहा कि हिंदी केवल भाषा ही नहीं, बल्कि देश की आत्मा और पहचान भी है। कार्यशाला के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कार्यकारी निदेशक एनटीपीसी सीपत वाईवी राव ने सभी से भारत सरकार की राजभाषा नीति का पालन करने की अपील की। कार्यशाला के प्रतिभागियों को विजयशंकर मेहता की पुस्तक जीवन प्रबंधन का वितरण किया गया। अंत में राजभाषा अधिकारी अविनाश पाठक ने आभार प्रदर्शन किया।
कार्यशाला के दौरान एनटीपीसी के अधिकारी।
एनटीपीसी सीपत में हिंदी पर कार्यशाला