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मुआवजा आज मिला, 15 दिनों में कैसे छोड़ें कब्जा

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - बिलासपुर
लालखदान रोड ओवरब्रिज ((आरओबी)) निर्माण से प्रभावित को अभी मुआवजा भी नहीं बंटा है कि प्रशासन ने 15 दिनों के भीतर कब्जा छोडऩे का फरमान सुना दिया है। इससे नाराज लोगों ने मंगलवार को कलेक्टर से मुलाकात की और कब्जा छोडऩे के लिए 6 महीने का समय देने की मांग की। प्रशासन ने प्रभावितों को अधिक से अधिक समय देने की बात कही है, बशर्ते ब्रिज निर्माण प्रभावित न हो।
लालखदान रोड ओवरब्रिज निर्माण की जद में मस्तूरी की ओर 34 मकानें आ रही हैं। प्रशासन इन कच्चे-पक्के मकानों का अधिग्रहण कर रहा है। मंगलवार को एसडीएम कार्यालय में मुआवजा के लिए 36 भू-स्वामियों को बुलाया गया था। इनमें से 32 ने मुआवजा लिया। प्रशासन ने मुआवजे की राशि के साथ ही 15 दिनों के भीतर कब्जा छोडऩे का नोटिस भी थमा दिया। प्रभावित इससे परेशान हो गए कि आखिर 15 दिनों में नए आशियाने की व्यवस्था कैसे हो पाएगी। प्रभावितों का दल कलेक्टर से मिलने पहुंचा। कलेक्टर ने प्रभावितों को आश्वस्त किया कि वे सेतु निगम और एसडीएम को निर्देशित करेंगे कि प्रभावितों को ज्यादा से ज्यादा समय दिया जाए। हालांकि प्रभावितों की उस मांग को खारीज की गई, जिसमें वे 6 महीने का समय मांग रहे थे। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि प्रभावितों को तब तक का समय दिया जा सकता है, जब तक कि निर्माण वहां तक न पहुंचे। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि प्रभावितों को कब्जा हटाने के लिए एक से डेढ़ महीने का समय मिल जाएगा।




कलेक्टर से शिकायत करने पहुंचे लालखदान आरओबी के प्रभावित परिवार।

दो ने लगाई आपत्ति

प्रभावितों में से 2 ने मुआवजा लेने से इंकार करते हुए प्रशासन के सामने आपत्ति दर्ज कराई है। राम किशन नामक प्रभावित का कहना है कि प्रशासन उसके पूरे मकान का अधिग्रहण करे। दो कमरे के पक्के मकान को छोड़कर शेष हिस्से का अधिग्रहण हो रहा है। राम किशन ने सवाल किया कि वह 2 कमरों के मकान में कैसे गुजारा करेगा। उसने पूरे मकान के अधिग्रहण की अपील की है। इसी तरह ओमप्रकाश गुर्जर नामक पीडि़त ने कहा कि उसके पड़ोसी का भी मकान उसके मकान के बराबर है, लेकिन पड़ोसी को 36 लाख रुपए तो उसे 10 लाख रुपए मुआवजा मिला है। कलेक्टर ने दोनों मामले में सेतु निगम और एसडीएम को जांच के निर्देश दिए हैं।

लालखदान आरओबी की सीमा में आने वाले कलेक्टर से मिले

कब्जा छोडऩे के लिए मांगा 6 माह का समय

32 प्रभावितों ने हासिल किया मुआवजा