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डाउनलोड करेंबिलासपुर. राज्य की सभी यूनिवर्सिटी में एक ही अधिनियम ((कॉमन एक्ट)) लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके लिए गठित कुलपतियों की टीम अधिनियम का ड्राफ्ट तैयार कर रही है। ड्राफ्ट बनने के बाद इसे विधानसभा में पेश किया जाएगा, जहां से मंजूरी के बाद इसे सभी यूनिवर्सिटी में लागू कर दिया जाएगा।
राज्य की सभी यूनिवर्सिटी में कामन एक्ट लागू करने की तैयारी शुरू हो चुकी है। अभी सभी यूनिवर्सिटी का अपना एक अलग अधिनियम है, लेकिन आने वाले समय में सभी यूनिवर्सिटी के लिए एक ही अधिनियम होगा। फिलहाल यह व्यवस्था अन्य राज्यों में लागू है। राज्य में सभी यूनिवर्सिटी के लिए एक ही अधिनियम बनाने पर काम शुरू हो चुका है। यूनिफाइड अधिनियम नाम से फिलहाल इसका ड्राफ्ट कुलपतियों की टीम तैयार कर रही है।
टीम में बिलासपुर यूनिवर्सिटी के कुलपति डा. गौरीदत्त शर्मा भी शामिल है। एक्ट के नफा-नुकसान के बारे में भी समीक्षा की जा रही है। अभी राज्य की सभी यूनिवर्सिटी का अपना अलग अधिनियम है। इस अधिनियम के अनुसार ही यूनिवर्सिटी का शैक्षणिक और अशैक्षणिक कार्य संचालित होते हैं। कोई भी अधिनियम उस यूनिवर्सिटी की आत्मा होती है। राज्य स्तर पर उच्च शिक्षा में किसी भी महत्वपूर्ण कार्य को लागू करने के लिए उस यूनिवर्सिटी के अधिनियम के अनुसार व्यवस्था देनी होती है।
अधिनियम के अनुसार ही अकादमिक, शैक्षणिक, निर्माण व वित्तीय व्यवस्था तय होती है। यूजीसी के अधिनियम भी यूनिवर्सिटी के अधिनियम के तालमेल के बाद लागू होते हैं। राज्य में सभी यूनिवर्सिटी के लिए एकीकृत अधिनियम बनाने की प्रक्रिया काफी समय से चल रही है पर अब तक इसमें कुछ फाइनल नहीं हो पाया था। करीब सभी यूनिवर्सिटी के अधिनियम के अधिकांश तथ्य मिलते हैं। कुछ अलग होते है, जो अलग होते है उन अधिनियमों को ही समन्वय कर साझा अधिनियम बनाने की कोशिश चल रही है।
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