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वेतन बनाने के लिए बाबू ने ली रिश्वत

7 वर्ष पहले
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बिलासपुर. मुंगेली जिले के पथरिया में बीईओ दफ्तर का लिपिक एक शिक्षाकर्मी से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। शिक्षाकर्मी की शिकायत पर बुधवार को एंटी करप्शन ब्यूरो ने यह कार्रवाई की। लिपिक ने शिक्षाकर्मी का रुका वेतन बनाने के लिए 1200 रुपए मांगे थे। उसे गिरफ्तार कर भ्रष्टाचार अधिनियम का मामला दर्ज किया गया है।

मुंगेली जिले के बैगाकापा का गोरेलाल साहू पथरिया ब्लॉक के उमरिया स्थित मिडिल स्कूल में शिक्षाकर्मी वर्ग-2 है। उसकी दो महीने की सैलरी ((अगस्त-सितंबर 2013)) रुकी हुई है। गोरेलाल बीईओ के ऑफिस गया। यहां लिपिक अग्निकुमार मैत्री ही वेतन का काम देखता है। उसने शिक्षाकर्मी से दो महीने का वेतन बनाने के एवज में बतौर रिश्वत 1500 रुपए मांगे। शिक्षाकर्मी ने इतने रुपए देने में असमर्थता जताई।

आखिरकार बात 1200 में तय हुई। शिक्षाकर्मी ने बाबू को पकड़वाने की ठानी और 27 जनवरी को बिलासपुर आकर एसीबी अफसरों से शिकायत की। शिकायत की जांच के बाद एसीबी ने बाबू को रंगे हाथों पकडऩे की योजना बनाई। बुधवार को एसीबी के डीएसपी एसपी करोसिया के साथ टीम शिक्षाकर्मी को लेकर बीईओ आफिस गई। टीम के सदस्य बाहर ही खड़े हो गए। शिक्षाकर्मी भीतर गया और पावडर लगे नोट बाबू को दे दिए। उसके इशारे पर टीम ने रिश्वतखोर बाबू को पकड़ लिया। तलाशी में उसकी जेब से रकम बरामद हुई। बाबू को गिरफ्तार कर लिया गया।


नया जिला बनने के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो ने मुंगेली जिले में दो बार कार्रवाई की। दोनों ही कार्रवाई बीईओ आफिस में हुई। इससे पहले ३० मार्च २०१२ को मुंगेली बीईओ ऑफिस के लेखापाल आनंदराम महिलांग व बाबू अंबिका प्रसाद पात्रे को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था। दोनों ने मृत शिक्षक का जीपीएफ निकालने केलिए उसके बेटे से 26 हजार रुपए मांगे थे।पानी रंगीन हुआ यानी घूसखोर