परस्ते नहीं पहुंचे सुनवाई बढ़ी
बिलासपुर - पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के जाति प्रमाण पत्र को चुनौती देते हुए लगाई गई चुनाव याचिका पर सुनवाई बढ़ गई है। याचिका पर दलपत सिंह परस्ते की गवाही होनी थी, लेकिन वे नहीं पहुंच सके। इस पर सुनवाई टल गई। २००३ के विधानसभा चुनाव में फर्जी जाति प्रमाण प्रस्तुत करने का आरोप लगाते हुए पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। राज्य में २००३ में हुए विधानसभा चुनाव में मरवाही विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के अजीत जोगी ने चुनाव जीता था। अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीट के लिए जोगी ने आदिवासी होने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया। बाद में पूर्व नेता प्रतिपक्ष नंद कुमार साय ने हाईकोर्ट
में याचिका लगाई। शेष पेज - १९
इसमें जोगी के जाति प्रमाण पत्र पर सवाल उठाते हुए कहा गया कि जोगी ने हाईस्कूल में प्रवेश लेते समय अनुसूचित जाति होने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था। चुनाव जीतने के लिए उन्होंने आदिवासी होने का प्रमाण पत्र गलत तरीके से हासिल किया है। याचिका में उनका मूल प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की मांग की गई थी। पूर्व में सुनवाई के बाद संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया गया था। मामले में साय और भाजपा के जनपद उपाध्यक्ष बृजलाल राठौर की गवाही हो चुकी है। बुधवार को दलपत सिंह परस्ते की गवाही होनी थी, लेकिन वे नहीं पहुंच सके। इस पर सुनवाई बढ़ा दी गई।