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डेढ़ करोड़ में बनेगा मुन्नूलाल शुक्ल स्कूल का नया भवन

7 वर्ष पहले
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बिलासपुर. गोंड़पारा के 100 साल पुराने पं. मुन्नूलाल शुक्ल गल्र्स हाईस्कूल के नए भवन के लिए राज्य शासन ने डेढ़ करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। निगम प्रशासन ने स्कूल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को ध्यान में रखकर गरिमा के अनुरूप भवन बनाने के लिए यह प्रस्ताव भेजा था। मंजूरी मिलते ही अब टेंडर की तैयारी की जा रही है।

पं. शुक्ल स्कूल की स्थापना 1913 में हुई थी। स्कूल की प्राचार्य पुष्पलता मोहरे ने बताया कि स्कूल के निर्माण का वर्ष भवन की अंदरूनी दीवार पर अंकित है। खपरापोश स्कूल की दीवारें जर्जर हो चुकी हैं। इसके बावजूद भवन पुराने दिनों की याद दिलाते हुए अब भी खड़ा हुआ है। स्कूल के नए भवन के निर्माण के लिए गोंड़पारा के वरिष्ठ नागरिकों ने पिछले साल तत्कालीन नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के मंत्री अमर अग्रवाल से मांग की थी। आखिरकार इसके निर्माण के लिए निगम द्वारा भेजे गए इस्टीमेट को शासन ने स्वीकृति दे दी।




इस्टीमेट मंजूर होने के बाद टेंडर की तैयारी में जुटा निगम प्रशासन

गोंड़पारा स्थित पं. मुन्नूलाल शुक्ल गल्र्स हाईस्कूल के लिए नई बिल्डिंग बनाई जाएगी।

गरिमा के अनुरूप बनेगा नया भवन



नगर निगम कमिश्नर अवनीश कुमार शरण ने बताया कि पं. मुन्नूलाल शुक्ल गल्र्स हाईस्कूल के नए भवन के निर्माण के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने अधोसंरचना मद के अंतर्गत डेढ़ करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। स्कूल भवन का फ्रंट एलोवेशन गरिमा के अनुरूप बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्कूल में 8 नए कमरे, वेटिंग हाल, टायलेट, साइकिल स्टैंड का शेड तथा खेल का मैदान विकसित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त पुराने कमरों का भी जीर्णोद्धार कराया जाएगा।



सत्यदेव दुबे सहित कई हस्तियां पढ़ चुकीं यहां

गोंड़पारा के वरिष्ठ नागरिक बल्लू दुबे ने बताया कि वे पं. मुन्नूलाल शुक्ल स्कूल में पढ़ चुके हैं। इसके निर्माण को हुए 100 साल बीत चुके हैं। स्कूल का नामकरण म्युनिस्पैलिटी के उपाध्यक्ष रहे ((सन् 1973)) पं. मुन्नूलाल शुक्ल के अवसान के बाद उनके नाम पर किया गया। सुप्रसिद्ध फिल्मकार सत्यदेव दुबे, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मुरलीधर मिश्रा, पूर्व मंत्री रहे श्रीधर मिश्रा, ई. अशोक राव, पं मुन्नूलाल शुक्ल सहित कई नामी व्यक्तित्व इस स्कूल में पढ़ चुके हैं। चंद बची शहर की पुरानी इमारतों में यह स्कूल भी शामिल है। पुराने दिनों की याद दिलाने वाला यह स्कूल शहर के लिए ऐतिहासिक स्थल से कम नहीं है।

सुविधा - 100 साल पुराना है स्कूल, निगम प्रशासन का प्रस्ताव शासन से मंजूर