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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर कांग्रेसियों का हल्लाबोल

7 वर्ष पहले
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बिलासपुर. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि को मौन दिवस के रूप में मनाया जाता है, लेकिन पार्टी के विधायक के खिलाफ एफआईआर होने पर कांग्रेसियों का मौन टूट गया। पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर जिला प्रशासन, भाजपा सरकार और जिला पंचायत सीईओ के खिलाफ नारेबाजी की। एसपी आफिस का घेराव और कलेक्टोरेट में धरना प्रदर्शन भी हुआ। एडिशनल कलेक्टर को ज्ञापन देने के बाद वे शांत हुए।

बिल्हा विधायक सियाराम कौशिक के खिलाफ जिला पंचायत के अधिकारियों द्वारा थाने में जुर्म दर्ज कराने की घटना को गंभीरता से लेते हुए गुरुवार को कांग्रेसी कांग्रेस भवन में एकजुट हुए। बड़ी संख्या में वहां पहुंचे कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस भवन से एसपी आफिस तक रैली निकाली। रैली से थोड़ी देर के लिए नेहरू चौक पर यातायात व्यवस्था बिगड़ गई। भाजपा सरकार, जिला प्रशासन और जिला पंचायत सीईओ के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कांग्रेसी एसपी आफिस पहुंचे लेकिन एसपी बीएन मीणा वहां मौजूद नहीं थे।

उन्होंने आधे घंटे तक एसपी आफिस का घेराव कर दिया। एडिशनल एसपी विजय पांडेय ने उनसे बात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा गया। इसके बाद सभी कांग्रेसी कलेक्टोरेट पहुंचे जहां कलेक्टर कार्यालय के सामने नारेबाजी करते हुए बैठ गए। इस दौरान उन्होंने न्याय की मांग करते हुए बापू का प्रिय भजन रघुपति राघव राजाराम गाने लगे। वहां एडिशनल कलेक्टर नीलकंठ टेकाम को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कांग्रेसियों ने बगैर किसी तस्दीक के विधायक के खिलाफ जुर्म दर्ज किए जाने की घटना को निदंनीय व अपमानजनक बताया।

उन्होंने कहा कि जुर्म दर्ज करने के दौरान सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का भी पालन नहीं किया गया। जनप्रतिनिधि होने के नाते अपने क्षेत्र की समस्याओं पर अधिकारियों से चर्चा करने का अधिकार है। विधायक 25 जनवरी को इसी मकसद से जिला पंचायत गए थे लेकिन उन्हें तोडफ़ोड़ की घटना के लिए जिम्मेदार ठहरा दिया गया जबकि इस विषय में उन्हें कोई भी जानकारी नहीं है। कांग्रेसियों ने कहा कि सीईओ ने जानबूझकर उसी स्कूल में निरीक्षण किया जहां बिल्हा विधायक की बहु प्रीति कौशिक पदस्थ है। कार्यवाही की गई और जब वह मिलने आई तो उनके साथ दुव्र्यवहार किया गया।

अधिकारी ने विधायक से भी दुव्र्यवहार किया। ज्ञापन में जिला पंचायत सीईओ के खिलाफ जुर्म दर्ज करने की मांग की गई और यदि मामला सुलझाया नहीं गया तो उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई। इस दौरान शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रविंद्र सिंह, ग्रामीण अध्यक्ष अरूण तिवारी, अनिल टाह, विधायक सियाराम कौशिक, अभय नारायण, अनिल सिंह चौहान, समीर अहमद सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी मौजूद थे।