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अवैध प्लाटिंग पर शुरू हुई एसडीएम जांच, नोटिस

7 वर्ष पहले
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डीबी स्टार - बिलासपुर
ऊर्जा पार्क श्मशान घाट के पास हो रही अवैध प्लाटिंग पर जांच शुरू हो गई है। एसडीएम ने नोटिस जारी कर कालोनाइजर को इस मामले को लेकर तलब किया है दूसरे पक्ष को सूचना नहीं भेजी गई है। यही कारण है कि मामले में सुनवाई की तारीख आगे बढ़ गई है।
ऊर्जा पार्क के पास हो रही अवैध प्लाटिंग पर डीबी स्टार ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। खबर के बाद एसडीएमएचक्यू खान मौके का स्वयं निरीक्षण जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है। इसमें प्लाट काटने वालों को नोटिस जारी कर तलब किया गया है गुरुवार को कालोनाइजर पक्ष एसडीएम कार्यालय में उपस्थित हुए थे, लेकिन दूसरा पक्ष उपस्थित नहीं हुआ। बताया गया कि जमीन का पावर आफ अटार्नी देने वाले पुष्पा आर चावड़ा को पेशी की सूचना ही नहीं दी गई । दोनों पक्ष के उपस्थित नहीं होने की वजह से शनिवार को पेशी तारीख तय की गई है। गौरतलब हैे कि ऊर्जा पार्क श्मशान के पास प्लाटिंग की गई है। प्लाटिंग के लिए 20 फीट रास्ता जरूरी है। इसलिए सबसे पहले क्रेडा की जमीन को कब्जा कर रास्ता निकाला गया। इतना ही नहीं रास्ते के बीच में पडऩे वाले नाले को भी पाट दिया गया। प्लाटिंग कर रहे कालोनाइजर की खुद की जमीन नहीं है। यह जमीन विनोबा नगर निवासी रमेश आर चावड़ा की प - ी पुष्पा आर चावड़ा के नाम पर दर्ज है। पुष्पा आर चावड़ा ने कुछ साल पहले खसरा नंबर 163 और 171 को मनोहर टाकीज के पास रहने वाले प्रकाशचंद सिदारा को पावर ऑफ अटार्नी दिया था। इस पावर ऑफ अटार्नी के दम पर ही प्लाट काटा गया। सबसे पहले यहां जमीन को समतल किया गया। इसके बाद यहां लगे पेड़ को कटवाया गया। श्मशान घाट से लगे खेत लिंगियाडीह अटल आवास तक फैला हुआ था। खेतों में जाने के लिए श्मशान घाट के बगल से 10 फीट का पगड्ंडी थी। प्लाट काटने के लिए 20 फीट सड़क होना अनिवार्य है। इसलिए क्रेडा की जमीन पर लगे फेंसिंग को खिसका कर इसमें बेजा कब्जा किया गया। रातो रात यहां सड़क निर्माण कराया गया। इस दौरान नाले उस पार के जमीन मालिकों ने आपत्ति की थी, लेकिन उन्हें सड़क की सुविधा मिलने की बात कहकर चुप करा दिया गया। इसके बाद यहां प्लाट काटने का काम शुरू हुआ। अलग-अलग साइज के यहां 40 प्लाट काटा गया है। प्लाट किसी को नहीं बेचने की बात कालोनाइजर कर रहे हैं, लेकिन रहवासियों का कहना है कि शहर के कई लोगों ने यहां प्लाट लिया है। इसतरह फर्जीवाड़ा कर शासन की
जमीन की प्लाटिंग कर ली गई है और इसे लाखों रुपए में बेचा भी जा रहा है।