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दुर्ग-भिलाई संयुक्त मास्टर प्लान में शामि‍ल होंगे 99 गांव

8 वर्ष पहले
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सिटी रिपोर्टर-!-दुर्ग
गगनचुंबी इमारतें, मल्टीप्लेक्स, तेज रफ्तार गाडिय़ां और शॉपिंग मॉल, आने वाले समय में यह नजारा ट्विनसिटी का होगा। शहर की तस्वीर बदली हुई होगी। शिक्षा के क्षेत्र में दिल्ली, पुणे, बेंगलूर आदि शहरों को टक्कर देगी, तो फैशन और जीवनशैली में मायानगरी मुंबई से पीछे नहीं होगी। इन सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर दुर्ग-भिलाई ट्विनसिटी का संयुक्त मास्टर प्लान बनाया जा रहा है। इसमें दुर्ग-भिलाई से 15 किलोमीटर के दायरे में आने वाले 99 गांवों को भी शामिल किया गया है। इस प्लान को तैयार करने के लिए नगर व ग्राम निवेश विभाग निजी कंसल्टेंसी से भी सहयोग ले रहा है। विभाग के डिप्टी डायरेक्टर विनीत नायर का कहना है कि प्लान पर काम चल रहा है। जिसमें अंतरराष्ट्रीय मानकों का भी ध्यान रखा जा रहा है। इसे साल के अंत तक पूरा करने की कोशिश की जा रही है। लोकसभा चुनाव के पहले इसके लिए गठित समिति की बैठक आयोजित की जाएगी। समिति में सांसद, मंत्री, विधायकों समेत ग्रामीण जनप्रतिनिधि सरपंच आदि शामिल है।
संयुक्त मास्टर प्लान में आगामी 30 साल में आबादी व शहर का विस्तार आदि का आकलन किया गया है। मोटर गाडिय़ों की संख्या समेत प्रस्तावित मेट्रो ट्रेन का भी ध्यान रखा गया है। बायपास मार्ग ऐसा होगा, जो दुर्ग-भिलाई को जोड़ते हुए नए रायपुर तक जाएगा। लोगों को राजधानी जाना होगा तो शहर के भीतर जाने की जरूरत नहीं पडग़ी। बायपास से सीधे राजधानी पहुंचने में आसानी होगी। सड़क, नाली, बिजली, पानी, पार्किंग, जैसी बेसिक जरूरतों का इस प्लान में ध्यान रखा जा रहा है। एक अलग ग्रीन प्लान को भी शामिल किया गया है।
जिसमें उद्यान, नगर वन यानी सड़क किनारे पौधरोपण कर पिकनिक स्पॉट आदि विकसित किए जाएंगे। मास्टर प्लान में हरियाली का पूरा इंतजाम होगा। दुर्ग-भिलाई की पहचान एजुकेशन हब के रूप में है। टेक्निकल यूनिवर्सिटी समेत कई उच्च शिक्षण संस्थान हैं। देश के विभिन्न क्षेत्रों से स्टूडेंट यहां पढऩे आते हैं। मास्टर प्लान में एजुकेशन हब का ध्यान रखने की बात कही गई है। उद्योग के विकास पर भी प्लान में फोकस किया जाएगा।



जालबांधा रोड में बोरई, दमोदा, सेवती अंजोरा ढाबा तक।

व्यवस्थित विकास होगा

संयुक्तमास्टर प्लान लागू करने पर विकास व्यवस्थित होगा। स्वास्थ्यप्रद नागरिक जीवन की सुविधाएं मिलेगी। अभी सभी नगरीय निकाय अपने जरूरत के हिसाब से योजनाएं बनती हैं। संयुक्त प्लान से ऐसी योजना बनेगी, जिसका फायदा दायरे में आने वाले सभी निकायों को होगा।



प्लान पर नहीं हुआ अमल

दुर्ग शहर के व्यवस्थित बसाहट के लिए 1984-85 में मास्टर प्लान बना था। जिस पर अमल नहीं किया गया। जिसके कारण आज शहर की सूरत बिगड़ी हुई है। लोगों का कहना है कि वोट की राजनीति ने शहर में अतिक्रमण को बढ़ावा दिया। शहर को कुरुप बना दिया। आज स्थिति यह है कि मार्केट में पार्किंग तक नहीं है।



इन क्षेत्रों के गांव शामिल होंगे मास्टर प्लान में

अंतरराष्ट्रीय मानकों का रखा जा रहा ध्यान, हरियाली समेत हर बेसिक जरूरतों पर रहेगा फोकस, लोकसभा चुनाव के पहले होगी समिति की बैठक

ञ्चधमधा रोड में करंजा भिलाई तक आने वाले गांव।

ञ्चअहिवारा रोड में सेमरिया, बागडूमर तक के गांव।

ञ्चकुम्हारी से धमधा रोड में मुरमुंदा अछोटी तक।

ञ्चकुम्हारी से मगरघटा, भोथली तक।

ञ्चरायपुर रोड में मोतीपुर, अमलेश्वर तक।

ञ्चखारुन नदी तटवर्ती गांव घुघवा, जमराव तक।

ञ्चउतई, पतोरा, डुमरडीह, पुरई, कोडिय़ा, चंदखुरी तक।

ञ्चराजनांदगांव रोड में अंजोरा से बिरेझर थनौद तक।

ञ्चखैरागढ़ रोड में रसमड़ा, सिलोदा, खुरसुल तक।