45 लोगों का जमीन आवंटन रद्द
सिटी रिपोर्टर - दुर्ग
ग्राम पंचायत मचांदूर में 4५ लोगों को दिए गए शासकीय घास भूमि के पट्टे को एसडीएम संजय दीवान ने निरस्त कर दिया है। उन्होंने जनपद पंचायत के सीईओ को तत्कालीन सरपंच बैसाखू राम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई जनदर्शन में कलेक्टर से की गई शिकायत के बाद हुई है।
ांदूर के ग्रामीणों ने सुरेंद्र साहू के नेतृत्व में कलेक्टर जनदर्शन में यह शिकायत की थी कि गांव की शासकीय घास जमीन को तत्कालीन सरपंच बैशाखूराम ने नियम के विपरीत 45 लोगों को आबंटित कर पट्टा दिलवाया।
जिसमें से पट्टेधारी15 लोगों की जमीन की बिक्री भी की गई। कलेक्टर ब्रजेशचंद्र मिश्रा ने ग्रामीणों की शिकायत पर इसकी जांच करने का आदेश तहसीलदार को दिया था। तहसीलदार आरबी देवांगन ने इसकी जांच कर प्रतिवेदन एसडीएम को सौंपा था। जांच में शासकीय घास जमीन के आबंटन गलत ढंग से करना पाया गया। आबंटन के पहले जमीन का परिवर्तन नहीं कराया गया था। रिकार्ड में यह आज भी शासकीय घसा जमीन दर्ज है।
जांच में यह बात भी सामने आई कि पंचायत के प्रस्ताव में जमीन आबंटन के लिए 6 लोगों का नाम था। इसके विपरीत 45 लोगों को जमीन आबंटित की गई थी। जांच प्रतिवेदन के आधार पर एसडीएम ने तत्कालीन सरपंच द्वारा किए गए शासकीय घास जमीन के आबंटन को निरस्त कर दिया और तत्तकालीन सरपंच के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने का आदेश दिया।
बेदखली होगी
जिनको जमीन आबंटित की गई है उसमें लोग काबिज हो गए है। एसडीएम ने काबिज लोगों के खिलाफ बेदखली की कार्रवाई के लिए तहसीलदार को धारा 248 के तहत कार्रवाई करने का आदेश दिया है। आदेश के मुताबिक आबंटित की गई जमीन शासकीय घास जमीन पर अतिक्रमण माना जाएगा।
मचादंूर के तत्कालीन सरपंच शासकीय घास जमीन का आबंटन कर दिया था।