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बस स्टैंड में पानी नहीं, भटकते हैं यात्री

8 वर्ष पहले
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15 दिनों से समस्या के बावजूद बाजू में स्थित निगम कार्यालय के अफसर नहीं आए, कई अव्यवस्थाओं के बावजूद निगम बेपरवाह
सिटी रिपोर्टर - दुर्ग
बस स्टैंड में यात्रियों को पानी के लिए भटकना पड़ता है। नगर निगम यहां 40 लाख रुपए की लागत से रेनोवेशन का काम करवा रहा है। लेकिन नल से पानी न मिलने की शिकायत पर निगम ने ध्यान नहीं दिया। कई साल पहले लगे पुराने नल से बूंद-बूंद पानी टपकता है। बस स्टैंड में और कई समस्याएं हैं, जिनका निराकरण निगम ने नहीं किया।
बस स्टैंड की देखरेख का जिम्मा निगम पर है और उसका दफ्तर भी बगल में है। इसके बावजूद जनप्रतिनिधि या अफसर भूले भटके ही पहुंचते हैं। यहां के व्यवसायी रमेश दास, शमीम कुरैशी, अवतार सिंह ने बताया कि 15 दिनों से जर्जर पाइपलाइन की लीकेज के कारण नल से पानी नहीं मिल रहा है। निगम अफसरों ने बताया कि कई बार शिकायत बताने के बावजूद सुनवाई नहीं हो रही है। बस में बैठे यात्री अक्सर पानी के लिए भटकते हैं। नल से पानी न मिलने के कारण उन्हें पानी की बोतल खरीदना पड़ता है। दुकानदारों द्वारा रेट बढ़ाने के कारण यात्रियों को 18 से 20 रुपए में पानी की बोतल खरीदनी पड़ रही है।
भवन मरम्मत के साथ रंगरोगन : दो महीने पहले यहां भवन की मरम्मत व रंग रोगन का काम शुरू किया गया है। अफसरों ने बताया कि बस स्टैंड भवन की छत पर टूटे छज्जे की मरम्मत की गई है। पैराफेट वॉल के निर्माण के अलावा पानी की दो नई टंकी लगाई गई है। रंगरोगन के अलावा छत में टाइल्स, बाहरी दीवारों को आकर्षक बनाने कंपोजिट पैनल का काम किया जाएगा। जर्जर दीवारों का प्लास्टर व सुलभ शौचालय का निर्माण भी होगा।



बस स्टैंड पर दुकानदारी भी चल रही है।

ठेकेदार को फटकार

बस स्टैंड के निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने पहुंची निगम की लोक कर्म प्रभारी जयश्री जोशी ने आज ठेकेदार को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि छत पर टाइल्स लगाने में लेवलिंग का ध्यान नहीं रखा गया। रेत सीमेंट के मिक्चर में सीमेंट की मात्रा कम होने पर नाराजगी जताई। प्रभारी ने कहा कि निर्माण की गुणवत्ता खराब होने पर कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान एई जगदीश केशरवानी भी मौजूद थे। श्रीमती जोशी ने पानी की समस्या का पता चलने पर जलकार्य निरीक्षक नारायण ठाकुर को आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इसके बाद जलकार्य निरीक्षक ने बस स्टैंड में जाकर पाइपलाइन की जांच कराई। उन्होंने बताया कि सड़ी पाइपलाइन को बदला गया है। शुक्रवार को सुबह टेस्टिंग के बाद नल से पानी सप्लाई शुरू होगी।



निगम कर्मी ने खुद मौके पर जांचा... नल से नहीं निकला एक बूंद भी पानी

चलने की जगह पर पार्किंग बना दी गई है।

बस स्टैंड में गंदगी आम है। पानी इस तरह फैला रहता है।

नगर निगम दुर्ग का कर्मचारी बस स्टैंड पर पानी की व्यवस्था का जायजा लेता हुआ।

दुर्ग बस स्टैंड में यात्रियों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था नहीं, जिम्मेदार इस पर ध्यान नहीं दे रहे, कई बार शिकायत के बावजूद नहीं हो रही कार्रवाई, बस स्टैंड में बाकी व्यवस्था भी ठीक नहीं।

लोगों की शिकायत पर भास्कर ने की पड़ताल

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