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सेक्टर-7 स्कूल में नहीं खुलेगा डीपीएस

8 वर्ष पहले
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सिटी रिपोर्टर - भिलाई
भिलाई स्टील प्लांट के कर्मी अगर नहीं चाहेंगे तो सेक्टर-7 स्कूल में नया डीपीएस शुरू नहीं होगा। यह कहना है बीएसपी के सीईओ एस. चंद्रशेखरन का। हिंदुस्तान स्टील एम्पलाइज यूनियन ((सीटू)) का एक प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को सीईओ से मिला और सेवाओं के निजीकरण के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान सीईओ ने साफ किया कि यूनियन व कर्मियों को भरोसे में लिए बिना कोई फैसला नहीं लेंगे।
दोपहर इस्पात भवन में हुई बैठक में सीटू अध्यक्ष एसपी डे, महासचिव डीवीएस रेड्डी, ईडी पीएंडए एलटी शेरपा व अन्य प्रमुख लोगों की मौजूदगी में हुई बैठक में प्रमुख रूप से सेक्टर-7 स्कूल में डीपीएस खोलने, सिंटर प्लांट-3 के क्रशिंग यूनिट प्लांट और दूरसंचार विभाग को आउटसोर्स पर देने का मुद्दा उठा। सीटू नेताओं ने कहा कि प्रबंधन से सेक्टर 07 स्कूल के उन्नयन में खर्च किए जा रहे 70 लाख रुपए के बारे मे जानकारी मांगी और साफ किया कि एक ओर बीएसपी के अलग-अलग शाला भवनों में पीने का पानी, शौचालय और क्लास रूम के पंखे आदि की समुचित व्यवस्था नहीं है दूसरी ओर एक शाला भवन में 70 लाख रुपए से ज्यादा खर्च कर यदि किसी निजी शिक्षण संस्था को दिया जाता है तो यह अन्याय होगा। इसी तरह यूनियन नेताओं ने बताया कि सिंटर प्लांट-3 में पैकेज-2 हैमर क्रशिंग यूनिट आउट सोर्सिंग पर दिए जाने से यहां अकुशल श्रमिकों को नियुक्त किए जाएंगे जिससे क्रशिंग के साथ अंतत: सिंटर की गुणवत्ता भी प्रभावित होगी।
दूरसंचार विभाग के आउट सोर्सिंग पर अपना विरोध जताते हुए कहा कि वर्तमान में ऑडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम, सीसीटीवी सिस्टम ,हॉट लाइन सिस्टम और पब्लिक एड्रेस सिस्टम सहित कुल 18 तरह की उत्कृष्ट सेवाएं दी जा रही है। इन सेवाओं में गोपनीयता और उच्च गुणवत्ता कुछ ऐसे पहलू हैं जिस पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता है। सीटू नेता श्री डे ने कहा कि आउट सोर्सिंग के घातक परिणाम हो सकते हैं। यूनियन दूरसंचार विभाग की कार्यकुशलता पर जल्द एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रबंधन को सौंपेगी। चर्चा के दौरान उपाध्यक्ष शांत कुमार व डी पी चक्रवर्ती भी मौजूद थे। सीटू नेताओं के मुताबिक सीईओ चंद्रशेखरन ने कहा है कि फिलहाल निजीकरण का कोई फैसला नहीं हुआ है, अभी सिर्फ उच्च स्तरीय दिशा-निर्देश के तहत अध्ययन करवाया जा रहा है। इसके बाद यदि फैसला लेना भी होगा तो यूनियन व कर्मियों को विश्वास में लेकर ही कदम उठाएंगे।



सीईओ ने सीटू से कहा- कर्मचारियों की इच्छा के खिलाफ नहीं जाएंगे