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शिक्षकों की सूची पर महापौर को गड़बड़ी की आशंका
सिटी रिपोर्टर - भिलाई
शिक्षाकर्मियों की नियुक्ति को लेकर एक बार फिर महापौर निर्मला यादव और आयुक्त अनिल टुटेजा आमने-सामने आ गए हैं। महापौर ने चयन सूची में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए नगरीय प्रशासन विभाग से शिकायत की है। इधर आयुक्त श्री टुटेजा ने गुरुवार की देर शाम नियुक्ति आदेश जारी कर दिए।
महापौर श्रीमती यादव और उनकी परिषद शुरू से ही शिक्षाकर्मी भर्ती में अपात्रों के चयन का आरोप लगाती रही हैं। 20 जनवरी को हुई बैठक में एमआईसी ने अपना बचाव करते हुए संकल्प पारित किया कि चयन समिति द्वारा चयनित सूची के आधार पर अनुमोदन किया जा रहा है। अगर भर्ती में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी होती है तो इसके लिए एमआईसी जिम्मेदार नहीं होगी। इतना ही नहीं महापौर ने नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक रोहित यादव से भी इसकी शिकायत की है। महापौर ने समस्त दस्तावेज लेकर जाने के लिए उनसे समय भी मांगा है।
पारदर्शिता के साथ नियमानुसार हुआ है- टुटेजा
आयुक्त अनिल टुटेजा का दावा है कि शासन द्वारा निर्धारित नियमानुसार ही रिक्त पदों के लिए विज्ञापन निकाला गया व भर्ती प्रक्रिया पूरी की गई है। संयुक्त संचालक की अध्यक्षता में गठित चयन समिति में शिक्षा अधिकारी भी शामिल थे। जहां तक चयन की बात है ने आवेदकों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों मार्कशीट व अन्य प्रमाण पत्रों के आधार पर ही मेरिट क्रम का निर्धारण किया जाता है। इसके लिए दावा आपत्ति भी मंगाई गई ताकि चयन में पारदर्शिता बनी रहे। अगर किसी ने फर्जी प्रमाण पत्र ही संलग्न किया हो तो कोई क्या कर सकता है, लेकिन वह भी पकड़ में आ जाएगा। नियुक्ति आदेश में स्पष्ट लिखा गया है कि कोई भी दस्तावेज फर्जी पा जाने पर नियुक्ति तो रद्द होगी ही, आपराधिक प्रकरण भी दर्ज कराया जाएगा।
शिकायत की है : निर्मला : महापौर निर्मला यादव का कहना है कि उन्होंने नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक रोहित यादव से शिकायत की है। 20 जनवरी को भी एमआईसी में अनुशंसा करने से पहले उनसे चर्चा की। इसके बाद ही संकल्प पारित किया। बहुत से पात्र आवदेकों ने मुझसे व्यक्तिगत मुलाकात कर शिकायत की थी। सूची को देखने से ही पता चलता था कि कई पात्र छूट गए हैं। यह भी जानकारी मिली है कि पूर्व में एमआईसी द्वारा की गई आपत्ति के बाद सूची में सुधार किया गया है। कुल ३८९ पदों पर नियुक्ति हुई है।
महापौर निर्मला यादव ने नगरीय प्रशासन विभाग से की मामले की शिकायत