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जेल प्रहरी बनने के लिए अंतिम दिन लड़कियों ने दिखाया दम

8 वर्ष पहले
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सिटी रिपोर्टर - भिलाई
जेल प्रहरी के 154 पदों के लिए एसएएफ बटालियन मैदान में चल रही भर्ती कार्यक्रम के अंतिम दिन शुक्रवार को महिला अभ्यर्थियों ने अपनी शारीरिक दमदारी साबित की। सुबह से तीन पालियों में हुई प्रतियोगिताओं में बड़ी संख्या में महिलाओं ने जेल प्रहरी बनने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। भर्ती में महिला पद का आरक्षण राज्य शासन के प्रावधानों के हिसाब रख गया है।
दुर्ग सर्किल में आने वाले राजनांदगांव, बालोद, बेमेतरा, कवर्धा जिले में पदस्थापना के लिए 15 से 24 जनवरी तक चले भर्ती कार्यक्रम में 1 जनवरी 2014 की स्थिति में 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के पूरे छत्तीसगढ़ से अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। पुलिस विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 154 पदों के लिए 17 हजार से अधिक प्रवेश पत्र जारी किए गए थे। भर्ती प्रक्रिया के दौरान प्रतिदिन चार पाली में प्रक्रियाएं होती रही, जिसमें प्रतिभागियों को लंबी कूद, गोला फेंक, पुल अप तथा दौड़ के मापदंड पर खरा उतरना था। पुरुषों को 16 सौ मीटर कम से कम साढ़े सात मिनट में तथा महिलाओं को 8 सौ मीटर दौड़ में कम से कम पांच मिनट में पूरा करने पर ही क्वालिफाईड माना जाता है। इसी प्रकार पुरुषों की शारीरिक संरचना 165 सीमी हाइट तथा महिलाओं की न्यूनतम हाइट 155 सीमी होना अनिवार्य है। वहीं पुरुषों का सीना बिना फुलाए न्यूनतम 83 सीमी होना चाहिए। इन सभी मापदंडों पर खरा उतरते हुए सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को 50 प्रतिशत तथा आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को 40 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। विभागीय सूत्र की ओर से भर्ती परीक्षा का परिणाम एक माह में आ जाने की बात कही जा रही है।



दूरस्थ इलाकों से आने वाले अभ्यर्थी होते रहे परेशान

प्रवेश पत्र में पहले ही परीक्षा की नियत पाली छाप देने से समीपस्थ ग्रामीण इलाकों से आए अभ्यर्थियों को किसी किस्म की परेशानी नहीं हुई। वे अपने पाली के समय अनुसार आकर प्रक्रिया में हिस्सा लेकर दो से तीन घंटों में ही मुक्त हो जा रहे थे। इससे वे प्रतिदिन अपने निवास स्थल से आकर भर्ती प्रक्रिया के बाद अपने घर लौट जा रहे थे। परंतु राज्य के दूरस्थ इलाकों जैसे रायगढ़, बस्तर, अंबिकापुर आदि जिलों से आए अभ्यर्थियों को रहने खाने की व्यवस्था करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। आर्थिक रूप से मजबूत लोग तो होटलों, धर्मशालाओं आदि में कमरे लेकर रुक गए, लेकिन कमजोर वर्ग के अभ्यर्थियों को रात स्टेशन, बस स्टैण्ड, पार्क या अन्य किसी खुले मैदान में काटनी पड़ी।

एसएएफ बटालियन मैदान में शुक्रवार को फिजिकल टेस्ट देतीं महिला अभ्यर्थी।