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दूरसंचार सेवा का नहीं होगा निजीकरण

8 वर्ष पहले
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सिटी रिपोर्टर-भिलाई
बीएसपी में दूरसंचार सेवाओं सहित विभिन्न विभागों में निजीकरण की दस्तक से श्रमिक संगठनों में तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। इस्पात श्रमिक मंच का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को जीएम इलेक्ट्रिकल अरुण भादक्कर से मिला। इस दौरान जीएम ने साफ किया कि दूर संचार सेवा का निजीकरण नहीं होगा।
बैठक में मुख्य मुद्दा दूरसंचार विभाग के निजीकरण को लेकर था। उप महासचिव राजेश अग्रवाल द्वारा निजीकरण के कारण कर्मियों को होने वाली असुविधा एवं परेशानियों का मुद्दा प्रमुख रूप से उठाया। जिस पर भांदक्कर ने कहा कि छोटे-छोटे कार्य को ठेका पद्धति से कराए जाएंगे।ं दूरसंचार के किसी भी कर्मी को इससे घबराने की जरूरत नहीं हैं। उनकी कार्य पद्धति पर किसी भी प्रकार की आंच नहीं आने दी जाएगी ा
मंच की ओर से महासचिव हीरामन तेली ने आशंका प्रकट करते हुए कहा कि पावर प्लांट के निजीकरण के दौरान वहां के कर्मियों को विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ा था। इस पर जीएम भांदक्कर ने कहा कि वह उच्च प्रबंधन से मिलकर सुनिश्चित करेंगे कि इस तरह की असुविधा का सामना कर्मियों को न करना पड़े। उप महासचिव सर्वजीत सिंह ने कहा कि यदि निजीकरण के कारण किसी भी कर्मी के कार्य प्रणाली प्रभावित हुई तो मंच इसका पुरजोर विरोध करेगा। यदि आवश्यक हुआ तो धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि जल्द ही आउटसोर्सिंग कमेटी के चेयरमैन एसपीएस जग्गी से भी इस मुद्दे पर चर्चा करेगा।
बैठक में डीजीएम केके बेहरे एवं डीएनडब्ल्यू के प्रमुख हरिनारायण एवं इस्पात मंच के सीताराम साहू, आईएस ठाकुर, अजय मार्टिन, ,सीनियर सचिव एवं समस्त सचिव एवं मंच के समस्त कार्यकारिणी सदस्य एवं टेलीकम्यूनिकेशन के समस्त कर्मचारी मौजूद थे।



विभागों के आउट सोर्सिंग का इंटक ने भी किया विरोध

स्टील इम्प्लाइज यूनियन इंटक भिलाई इस्पात संयंत्र के कुछ विभागों में होने जा रहे आउट सोर्सिंग का विरोध करेगी। इस संबंध में यूनियन के महासचिव एसएम पांडेय नई दिल्ली में सेल प्रबंधन से भी चर्चा करेंगे। पांडेय ने कहा कि दूरसंचार विभाग अति संवेदनशील विभाग है । प्रबंधन संयंत्र के संचार व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने जा रही है । यदि यही स्थिति रही तो प्रबंधन संयंत्र के अन्य विभागों में भी आउट सोर्सिंग कर सकती है । इन परिस्थितियों में जिस तरह आज दूरसंचार विभाग के 130 कर्मचारियों एवं 18 अधिकारियों को अपने भविष्य की चिंता हो रही है, उसी तरह आगे अन्य विभागों के कर्मियों के साथ भी हो सकता है । इंटक यूनियन इसे गंभीरता से ले रही है । इंटक इस तरह के आउट सोर्सिंग का पुरजोर विरोध करेगी। श्री पाण्डेय ने कहा कि 25 जनवरी के दिल्ली प्रवास के दौरान सेल के उच्च अधिकारियों से इस गंभीर मसले पर चर्चा करेंगे।