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पार्किंग की जगह पर हो रहा कारोबार

8 वर्ष पहले
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शहर में बिना पार्किंग व्यवस्था के चल रहे हैं बड़े-बड़े शॉपिंग कांप्लेक्स
सिटी रिपोर्टर - भिलाई
शहर के सभी बड़े व्यावसायिक कांप्लेक्स, अस्पतालों, होटलों में पार्किंग के लिए आरक्षित स्थल पर कारोबार हो रहा और गाडिय़ां सड़क पर खड़ी की जा रही हैं। इससे परेशानी आम राहगीरों को हो रही है।
कारोबारियों ने नक्शे में बेसमेंट को पार्किंग स्थल दिखाकर नगर निगम प्रशासन से भवन बनाने की अनुमति और पूर्णता प्रमाण पत्र तो ले लिया, लेकिन बाद में वहां कारोबार शुरू कर दिए। ऐसे कई व्यावसायिक कांप्लेक्स हैं जहां दुकानें, शासकीय व निजी संस्थानों के दफ्तर, बैंक और बीमा कार्यालय हैं। रोज हजारों लोगों का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन पार्किंग की कोई सुविधा नहीं हैं। न तो भवन मालिक को परवाह है और न ही निगम प्रशासन को।




होगी कार्रवाई

॥अगर कोई बेसमेंट पर पार्किंग की अनुमति लेकर वहां कारोबार कर रहे होंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जल्द ही इसका निरीक्षण किया जाएगा। अनिल टुटेजा, आयुक्त नगर निगम

बेसमेंट में कारोबार

छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम 1984 की धारा 73 में स्पष्ट प्रावधान है कि बेसमेंट का उपयोग कारोबार के लिए नहीं किया जा सकता। पार्किंग के अलावा गृहस्थी या सामान्य रूप से ज्वलनशील सामग्रियां एसी, कूलर या भवनों के उपयोग की अन्य मशीन ही रख सकते हैं।

सड़क को कर देते हैं ब्लाक

जीई रोड किनारे होटल अमित के सामने चारपहिया वाहनों की भीड़ लगी रहती है। बीच सड़क पर ही गाडिय़ां टर्न होती रहती है। इसके कारण सड़क ब्लाक हो जाता है। शिवनाथ कांप्लेक्स में होटल आमंत्रण, वत्स, व हाल ही में बने सभी नए होटलों के सामने भी लोग सड़कों पर ही गाडिय़ां खड़ी करते हैं। सुपेला आकाशगंगा में होटल हिमालय के सामने गाडिय़ों की कतार लगी रहती है।



यहां मुश्किल हो जाता है दोपहिया निकालना

चंद्रा-मौर्या टॉकीज और चौहान इस्टेट के सामने सड़क के दोनों तरफ सुबह से लेकर रात तक हर समय हजार भर चार पहिया व दो पहिया वाहन खड़े रहते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी सुबह 11 बजे और शाम को 5 बजे होती है। यह समय टॉकीज का शो शुरू होने व छूटने का होता है। उसी समय स्कूली बच्चों के आने-जाने का भी। अंडरब्रिज वाली सड़क पर ट्रैफिक इस कदर जाम हो जाता है कि दोपहिया वाहनों का निकलना मुश्किल हो जाता है। 60 फीट चौड़ी यह सड़क सिमटकर संकरी गली बन जाती है। इसी तरह सामने फोरलेन की तरफ निगम की सर्विस रोड तो पार्किंग स्थल ही बनकर रह गया है।

लोगों को कितना टोको मानते ही नहीं

पार्किंग है, आजू-बाजू के लोग खड़ी करते हैं गाडिय़ां

ञ्चआपके होटल के सामने सड़क पर गाडिय़ां पार्क रहती हैं। पार्किंग की सुविधा क्यों नहीं है?

ञ्चञ्च हमारे यहां तो बेसमेंट में पार्किंग सुविधा है। सामने भी जगह छोड़ रखे हैं और पीछे निगम का पार्किंग स्थल आरक्षित है।

ञ्चतो फिर गाडिय़ां सड़क पर क्यों खड़ी रहती है?

ञ्चञ्च लोगों को कितना टोको मानते ही नहीं। मैंने तो गाड़ी पार्क करने के लिए सामने गेट पर दो ड्राइवर की भी व्यवस्था कर रखी है। कोई-कोई ही गेस्ट अपनी कार की चाबी देते हैं। अभी हमारे शहर में मेट्रोसिटी का कल्चर नहीं आया है न।

ञ्च लेकिन आपके यहां तो बेसमेंट में भी रेस्टोरेंट हैं?

ञ्चञ्च पहले आधे में पार्किंग और आधे का इस्तेमाल कारोबार के लिए कर रहे थे। अब तो पूरा पार्किंग स्थल बना दिए हैं।



चौहान स्टेट के सामने सड़क पर बेतरतीब खड़े हैं ढेरों वाहन।

ञ्चआपके कांप्लेक्स के सामने दोनों तरफ सड़क पर हजारों गाडिय़ां खड़ी रहती है। पार्किंग सुविधा क्यों नहीं है?

ञ्चञ्च भाई साहब मेरा ही पहला कांप्लेक्स हैं जहां बेसमेंट का उपयोग केवल पार्किंग के लिए हो रहा है। कांप्लेक्स में जितने संस्थान है सभी के लिए बाकायदा स्थान आरक्षित कर रखा है। बाकी लोग तो कारोबार कर रहे हैं। मैं किसी का नाम नहीं लेना चाहता।

ञ्च तो फिर सड़क पर इतनी गाडिय़ां क्यों खड़ी रहती हैं?

ञ्चञ्च अंडरब्रिज के तरफ की सड़क पर जो गाडिय़ां खड़ी रहती हैं वो टॉकीज के दर्शकों की है।

ञ्च फोरलेन के सामने की तरफ भी तो सर्विस रोड पर सैकंडों वाहन खड़े रहते हैं। ये तो आपके कांप्लेक्स में आने वाले ग्राहकों के ही है न।

ञ्चञ्च ग्राहकों में भी बमुश्किल 25 फीसदी लोग ही गाड़ी खड़ी करते होंगे वो भी जिनको तुरंत जाना है। बाकी सभी बेसमेंट में ही रखते हैं।

ञ्च फिर इतनी गाडिय़ां कहां से आई।

ञ्चञ्च आसपास के कांप्लेक्स वाले यहां गाड़ी खड़ी करके चले जाते हैं। इसमें मैं क्या कर सकता हूं। निगम को बोलकर आप ही उठवा दीजिए।

व्यवसायियों ने बेसमेट को पार्किंग स्थल दिखाकर निगम से ली भवन बनाने की अनुमति और पूर्णता प्रमाण-पत्र। पार्किंग के लिए रोजाना परेशान हो रहे हैं हजारों लोग। निगम व भवन मालिकों को नहीं है कोई परवाह।

२४ जनवरी को प्रकाशित खबर?

अजय चौहान, मालिक चौहान स्टेट

सीधी बात

सुभाष साव, संचालक होटल अमित इंटरनेशनल

सीधी बात

सड़क पर ही वाहन खड़ा करने के लिए मजबूर हैं लोग