पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • निगम बजट बनाने के लिए पार्षदों से नहीं लिए सुझाव

निगम बजट बनाने के लिए पार्षदों से नहीं लिए सुझाव

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
देर से शुरू हुई तैयारी, लोकसभा चुनाव के कारण फरवरी में पारित करना होगा बजट।
सिटी रिपोर्टर - दुर्ग
नगर निगम बजट की तैयारी शुरू हो गई है। खास बात ये है कि अभी तक पार्षदों से सुझाव नहीं लिए गए हैं। निगम के विभागों ने बजट के लिए प्रस्ताव तैयार नहीं किया है। चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले बजट पारित करना जरूरी है। देर होने पर बजट में त्रुटियां होने सहित इसे पारित करने में कई दिक्कतें हो सकती हैं।
इस साल अप्रैल मई में लोकसभा चुनाव होने की संभावना है। मार्च के पहले सप्ताह में आचार संहिता लागू हो सकता है। चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले निगम का बजट पारित कराना जरूरी है। नगर निगम की तैयारी का हाल ये है कि हाल ही में सभी विभागों को बजट के प्रस्ताव तैयार करने कहा गया है। इसके बाद विभागीय अफसरों की बैठक होगी। बैठक में प्रस्तावों पर चर्चा के बाद बजट तैयार होगा। इसे एमआईसी की बैठक में रखने के बाद आवश्यक होने पर इसमें संशोधन के लिए भेजा जाएगा। संशोधित बजट को एमआईसी से मंजूरी मिलने पर सामान्य सभा में बजट पारित किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में कम से कम एक माह से ज्यादा समय लग सकता है।
एमआईसी मेंबर्स को खबर नहीं : राजस्व विभाग के प्रभारी रत्नेश चंद्राकर का कहना है कि बजट तैयार करने के बारे में कोई सूचना नहीं मिली है। उनके विभाग से बनाए जा रहे प्रस्ताव के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। लोक कर्म प्रभारी जयश्री जोशी ने कहा कि अभी तक विभागीय अफसरों से बजट को लेकर चर्चा नहीं हुई है। एक दो दिनों में अफसरों से बजट के बारे में चर्चा के बाद सुझाव दिए जाएंगे।




॥निगम के अलग अलग विभागों से बजट के लिए प्रस्ताव मांगे गए हैं। बैठक लेकर प्रस्तावों पर चर्चा के बाद बजट बनाया जाएगा। इसकी तैयारी चल रही है।ञ्जञ्ज

एसके सुंदरानी, कमिश्नर, नगर निगम दुर्ग

पार्षदों को पत्र भी नहीं भेजा

बजट तैयार करने के लिए हर साल पार्षदों को पत्र भेजकर सुझाव मांगा जाता है। अभी तक किसी भी पार्षद को पत्र नहीं भेजा गया है। कांग्रेस पार्षद देवकुमार जंघेल ने बताया कि इस साल पार्षदों से सुझाव लेने का काम नहीं किया गया है। महापौर के विदेश प्रवास से लौटते ही उन्हें बजट की तैयारी करने का सुझाव दिया गया था। 15 फरवरी तक एमआईसी में बजट पारित करने का सुझाव दिया गया था। इसके बावजूद तैयारी आधी अधूरी है। अभी तक बजट की प्रारंभिक रूपरेखा तैयार हो जाना था। निगम के नेता प्रतिपक्ष राजेश शर्मा के अनुसार पिछले चार साल से नगर निगम का कामकाज चौपट रहा है। परिषद के कार्यकाल के अंतिम वर्ष में भी निगम प्रशासन का कामकाज ट्रैक पर नहीं आ पाया है।