- Hindi News
- जिला अस्पताल में भ्रष्टाचार के खिलाफ सत्याग्रह
जिला अस्पताल में भ्रष्टाचार के खिलाफ सत्याग्रह
सिटी रिपोर्टर - दुर्ग
जिला अस्पताल में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार का समूल नाश करने ४३ वर्षीय मुकेश तिवारी को सत्याग्रह का सहारा लेना पड़ा। २६ जनवरी गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण के दौरान वे अस्पताल परिसर में सत्याग्रह पर बैठ गए। उनका कहना है कि जिला अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मचारी मरीजों से पैसे लेते हैं। अस्पताल में मरीजों को तरह तरह से परेशान किया जाता है।
समय पर मरीजों का ईलाज नहीं होता। पैसा न दे पाने वाले मरीजों को अस्पताल में भर्ती नहीं किया जाता। उनका उपचार करने में लापरवाही की जाती है। सत्याग्रह आंदोलन के साथ श्री तिवारी ने अन्न का त्याग कर दिया है। आंदोलन की शुरुआत के बाद से वे केवल जल ग्रहण कर रहे हैं। सूचना मिलने पर सीएचएमओ डा. प्रशांत श्रीवास्तव व सिविल सर्जन डा. पीसी अग्रवाल ने उन्हें समझाईश देने की कोशिश की।
अधिकारियों ने उन्हें व्यवस्था सुधारने का भरोसा दिलाया। लेकिन उनकी समझाईश का श्री तिवारी की सेहत पर कोई असर नहीं हुआ। श्री तिवारी ने अधिकारियों से पूछा कि व्यवस्था सुधारने की शुरुआत वे कहां से करेंगे, जिसका वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। श्री तिवारी ने कहा कि अस्पताल में कार्यरत डाक्टर व सभी स्वास्थ्य कर्मचारी अपने हृदय पर हाथ रखकर कहें कि वे मरीजों से पैसे नहीं लेंगे।
अस्पताल परिसर में दस मिनट का सेमीनार हो जहां सभी डाक्टर व कर्मचारी उपस्थित हों। श्री तिवारी उन्हें संबोधित करेंगे और अंत में डाक्टरों व कर्मचारियों को हृदय पर हाथ रखकर मरीजों से पैसे न लेने की सौगंध खिलाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं होता है तो एक सप्ताह के बाद २ फरवरी को आंदोलन स्थल पर वे यज्ञ करेंगे।
जिला अस्पताल परिसर में मुकेश को समझाते हुए स्टॉफ।